भिवानी। 10 से अधिक चिटफंड घोटाला करने वाली कंपनियों से पैसा वापसी की आस में बॉन्ड जमा कराने वालों की सोमवार को लघु सचिवालय में भारी भीड़ जुटी। इसकी वजह से जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय का कमरा भी छोटा पड़ गया तो भीड़ में लोगों के बीच बॉन्ड जमा कराने को लेकर धक्का मुक्की बनी। इस दौरान कर्मचारियों ने भी बॉन्ड जमा कराने से अपने हाथ खड़े कर दिए और काम करीब दो घंटे तक बंद रहा।
इसके बाद लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय के सामने सरकारी वाहनों के चालकों के लिए बने कक्ष के अंदर बॉन्ड जमाने का काम शुरू किया तो महिलाओं व पुरुषों की भी लंबी कतारें लग गईं। यहां पर भी बॉन्ड जमा कराने के लिए लोगों के बीच धक्कामुक्की बनी वहीं कई लोगों के बॉन्ड के कागज भी इस माहौल के बीच फट गए। अव्यवस्था को देखते हुए बॉन्ड कार्य को एक सप्ताह तक बंद करने का निर्णय लेते हुए इसकी व्यवस्था तहसील स्तर पर बनाए जाने की बात अधिकारियों ने कही।
सोमवार को लघु सचिवालय स्थित जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में बड्स एक्ट-2019 के तहत खोले गए कार्यालय में बॉन्ड जमा कराने वालों की लगातार भीड़ बढ़ रही है इसी को लेकर जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में अब एक सप्ताह तक दस्तावेज जमा नहीं करवाए जाएंगे। अब 26 मार्च से दस्तावेज जमा करवाने के लिए कार्यालय दोबारा खोला जाएगा।
इस संबंध में पीड़ित जमाकर्ता परिवार (तपजप) के जिला प्रधान रामजस व जिला मीडिया प्रभारी राजेश बडाला ने बताया कि सोमवार को डीआरओ व तपजप संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें डीआरओ ने बताया कि बड्स एक्ट-2019 के तहत भिवानी में कार्यालय खुलने के बाद जिला भर के पीड़ित निवेशकों को भिवानी आना पड़ता है। इससे उनका समय व रुपये दोनों बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में पीड़ित निवेशकों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने तहसील स्तर पर पीड़ित निवेशकों के दस्तावेज जमा करवाने का फैसला लिया है। जिला प्रधान रामजस व जिला मीडिया प्रभारी राजेश बडाला ने बताया कि अब एक सप्ताह के ब्रेक के बाद 26 मार्च से प्रत्येक तहसील स्तर पर पीड़ित निवेशक अपने दस्तावेज जमा करवा सकें।
अब तक 17 हजार से अधिक बॉन्ड हो चुके हैं जमा
हजारों करोड़ के घोटाले को अंजाम देने वाली चिटफंड कंपनियों से पैसा वापसी की आस में अब तक करीब 17 हजार से अधिक पीड़ित निवेशक अपनी बॉन्ड के साथ दस्तावेज जमा करा चुके हैं। जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में भी बॉन्ड व दस्तावेजों के ढेर लग गए हैं। इन्हें रखने के लिए भी अब जगह छोटी पड़ गई है। इसी को लेकर तहसील कार्यालयों में बॉन्ड जमा कराने का फैसला लिया है।