जुहरा बेगम। संवाद न्यूज एजेंसी
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म्यांमार से दिल्ली अपने परिजनों के पास आई एक महिला बिछुड़कर भिवानी के सिवानी खंड के गांव चनाना पहुंच गई। सिवानी पुलिस और सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम महिला को साथ लेकर उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए दिनभर प्रयास करती रही। उसे सबसे ज्यादा समस्या भाषा की आ रही थी। महिला हिंदी, अंग्रेजी भाषा नहीं समझ रही थी और महिला की भाषा अन्य कोई नहीं समझ पा रहा था। बाद में महिला की पहचान म्यांमार वासी जुहरा बेगम के रूप में हुई। महिला को फिलहाल सखी वन स्टॉप सेंटर में रखवाया गया है।
वन स्टॉप सेंटर से एडमिनिस्ट्रेटर अंजू बाला, काउंसलर अशोक काजला ने बताया कि महिला म्यांमार की रहने वाली है और उर्दू से मिलती-जुलती भाषा बोल रही है। महिला चनाना गांव में मिली है और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब महिला की पहचान हो गई है। वह म्यांमार की रहने वाली है और दिल्ली के मदनपुर खादर सरिता विहार में अपने परिजनों के पास आई हुई थी। उसके पास 30 सितंबर 2020 तक भारत में रुकने की अनुमति है। पिछले दिनों दिल्ली में हुए दंगों के दौरान यह परिजनों से बिछुड़ गई और यहां सिवानी के गांव चनाना आ पहुंची। एंबेसी के टोल फ्री नंबर से ट्रांसलेटर मिला। जिसकी सहायता से महिला की जानकारी मिल सकी। अब महिला को जल्द ही दिल्ली में उसके परिजनों के पास पहुंचाया जाएगा।