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स्थायी मान्यता के बिना नए सत्र में स्कूलों में नहीं होगा दाखिला

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संजय वर्मा
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भिवानी। कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहे निजी स्कूलों पर अब शिक्षा निदेशालय के एक और नए आदेश की तलवार लटक गई है। अब तक कई सालों से अस्थायी मान्यता पर चलते आ रहे निजी स्कूलों पर तालाबंदी का संकट मंडराने लगा है।
सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर नए शिक्षा सत्र 2022-23 में अस्थायी मान्यता वाले निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिला नहीं होने देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला उपायुक्त की कमेटी ही जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से यह तय करेगी कि अस्थायी मान्यता वाले किसी भी निजी स्कूल में नए शिक्षा सत्र के तहत कोई भी बच्चा दाखिल न किया जाए। केवल स्थायी मान्यता वाले निजी विद्यालयों में ही नए शिक्षा सत्र में बच्चों के दाखिले होंगे। निदेशालय के इस कदम से भिवानी जिले में 40 से अधिक अस्थायी मान्यता वाले निजी स्कूलों पर तालाबंदी का संकट मंडराने लगा है।
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शैक्षणिक सत्र 2021-22 में अराजकीय विद्यालयों को अस्थायी मान्यता केवल इस शर्त पर दी गई है कि अगले शिक्षा सत्र 2022-23 में स्थायी मान्यता नहीं ली गई तो इन स्कूलों में किसी भी कक्षा में बच्चों के कोई दाखिले नहीं होंगे। अस्थायी मान्यता वाले निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिला नहीं होना सुनिश्चित करने के संबंध में जिला उपायुक्त को भी पत्र जारी किया है। पत्र में लिखा है कि जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से इन स्कूलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। पिछले काफी सालों से अस्थायी मान्यता के जरिये निजी स्कूल एक-एक सत्र में बच्चों के कक्षा पहली से बारहवीं तक दाखिले कर बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों के पेपर कराते आ रहे हैं। इन निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता के लिए नियम पूरे करने की भी छूट दी गई। इसके बावजूद भी अधिकतर अस्थायी मान्यता वाले स्कूल हरियाणा स्कूली शिक्षा नियमावली की शर्तों को पूरा नहीं कर पाए। ऐसे में अब सरकार की ओर से अस्थायी मान्यता वाले निजी स्कूलों को अंतिम बार मौका दिया गया है। जिसके बाद नए शिक्षा सत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगे से उन्हें अस्थायी मान्यता पर स्कूल नहीं चलाने दिया जाएगा और स्थायी मान्यता की शर्त पूरी करने पर ही बच्चों के दाखिले हो पाएंगे।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूल भी चल रहे जिले में
शिक्षा निदेशालय में केवल दो श्रेणी के निजी स्कूल हैं, जिनमें एक स्थायी मान्यता प्राप्त और दूसरे अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं, लेकिन इसके अलावा भी गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल खुले हैं, जिनकी शिक्षा विभाग से संचालन संबंधी कोई अनुमति नहीं हैं। ऐसे स्कूलों की भी भिवानी जिले में 120 से अधिक संख्या आंकी जा चुकी है। इन स्कूलों को शिक्षा विभाग ने कागजों में बंद भी करा दिया है। इसके बावजूद भी अधिकतर गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अभी भी बच्चों की धड़ल्ले से कक्षाएं लगाते आ रहे हैं। जिन पर भी कार्रवाई का चाबुक नहीं चला है। (संवाद)
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नियम पूरे किए बिना नहीं होगा दाखिला
शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा स्कूली शिक्षा नियमावली की शर्त पूरी नहीं करने वाले अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को सिर्फ वर्तमान शिक्षा सत्र के लिए अनुमति दी है। नए शिक्षा सत्र में अगर कोई भी अस्थायी निजी विद्यालय नियम पूरे नहीं करता है तो उसमें किसी भी कक्षा में बच्चों का दाखिला नहीं होगा।
- रामअवतार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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