भिवानी। मौसम में बदलाव के साथ ही सूखी खांसी लोगों को परेशान कर रही है। सूखी खांसी के कारण लोगों के गले में दर्द व खुजली के साथ ही संक्रमण की समस्या भी बन रही है। इसके अलावा आवाज में बदलाव के साथ ही सांस लेने में भी परेशानी आ रही है।
जिला नागरिक अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज सूखी खांसी से परेशान हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को चिकित्सक भी खांसी से बचाव के तरीके व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार सूखी खांसी होने के बाद मरीजों को पानी ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए। गर्म तरल पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। वहीं गले में दर्द होने पर गर्म पानी में नमक मिला कर गरारे करें। इसके अलावा अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श कर समय से दवा लेकर समय से निदान करें।
सूखी खांसी के कारण
- वायरल संक्रमण।
- सामान्य सर्दी या फ्लू।
- धूल के कणों से एलर्जी।
- धुआं व प्रदूषण से।
- सांस व दमा के कारण।
सूखी खांसी के लक्षण
- गले में संक्रमण होना।
-आवाज में बदलाव होना।
- गले में जलन व खुजली होना ।
सूखी खांसी से बचाव
- पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
- गर्म तरल पेय पदार्थों का सेवन करें।
- गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर गरारे करें।
सूखी खांसी को दवा से ठीक किया जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही विशेष रूप से मरीजों को भी मौसम में बदलाव को देखते हुए परहेज रखने की जरूरत है।
- डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशिएन, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।