जिला न्यायालय परिसर के मुख्य गेट पर एटीएम की जगह पर बनी कैंटिन पर पकौड़े बनाता हलवाई।
भिवानी। जहां चलनी थी एटीएम, वहां तले जा रहे पकौड़े जिला न्यायालय परिसर की यह विडंबना अब आम हो गई है। परिसर में न कोई बैंक शाखा है और न ही एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन)। दो साल से बंद पड़ी एटीएम की जगह अब कैंटीन संचालित हो रही है जहां नकदी की आवश्यकता वाले लोगों को पकौड़े ही मिल रहे हैं। स्थिति इतनी असुविधाजनक हो चुकी है कि जिला बार एसोसिएशन ने उपायुक्त को पत्र लिखकर न्यायालय परिसर में बैंक शाखा और एटीएम की सुविधा बहाल करने की मांग फिर दोहराई है।
गेट नंबर एक के पास पहले बैंक की एटीएम संचालित थी जिसे बैंक ने करीब दो वर्ष पहले ‘कम ट्रांजेक्शन’ का तर्क देते हुए बंद कर दिया। एटीएम हटने के बाद खाली पड़ी जगह को बार एसोसिएशन ने कैंटीन खोलने के लिए आवंटित कर दिया। इसके बाद से पूरे न्यायालय परिसर में न कोई बैंक शाखा है और न ही एटीएम उपलब्ध है।
रोजाना ढाई से तीन हजार लोग जिला न्यायालय में कार्य के लिए आते हैं। वहीं करीब तीन हजार अधिवक्ता और बड़ी संख्या में कर्मचारी न्यायालय और लघु सचिवालय में काम करते हैं। नकद की जरूरत पड़ने पर सभी को हांसी गेट या घंटाघर तक जाना पड़ता है जिससे लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पहले जिला न्यायालय और लघु सचिवालय परिसर में बैंक शाखा मौजूद थी जिसमें कर्मचारियों के वेतन खाते भी चलते थे। लेकिन बाद में इस शाखा को जिला रेडक्रॉस भवन में स्थानांतरित कर दिया गया जिससे परिसर में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह समाप्त हो गईं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट संदीप तंवर का कहना है कि इतने बड़े न्यायालय परिसर में बैंक शाखा और एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) का न होना हजारों लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से इस सुविधा को तत्काल बहाल करने की मांग की है।
मैंने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का पदभार संभालने के दौरान उपायुक्त को पत्र लिखकर जिला न्यायालय परिसर में बैंक शाखा खुलवाने का अनुरोध किया था। लेकिन अभी तक कोई भी बैंक शाखा या एटीएम जिला न्यायालय परिसर में नहीं है। पहले एक बैंक की एटीएम गेट नंबर एक के पास थी, वह भी दो साल से बंद पड़ी थी। खाली जगह को कैंटीन के लिए अलॉट किया जा चुका है। - एडवोकेट संदीप तंवर, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन भिवानी