भिवानी। लघु सचिवालय परिसर में शनिवार शाम पांच बजे दुश्मन देश के ड्रोन हमले का सायरन बचते ही अफरा तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवकों के साथ सरकारी एजेंसियों के कर्मचारी राहत और बचाव कार्य में जुए गए। स्वयंसेवकों और सुरक्षा एजेंसी कर्मियों की मदद से 20 घायलों की जान बचाई गई और उन्हें सुरक्षित स्थान या फिर उपचार स्थल तक पहुंचाया गया। यहां घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि शनिवार को गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार ऑपरेशन शील्ड के तहत लघु सचिवालय परिसर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल रिहर्सल का दृश्य दिखाई दिया।
मॉक ड्रिल के दौरान ठीक पांच बजे ड्रोन से हमले के संकेत का सायरन बजाया गया। सायरन बजने के साथ ही लघु सचिवालय परिसर से सभी अधिकारी और कर्मचारी और अन्य नागरिक सुरक्षित स्थान पर पार्क में पहुंचे। जिनमें उपायुक्त महावीर कौशिक, पुलिस अधीक्षक मनवीर सिंह, एसडीएम महेश कुमार, सीटीएम अनिल कुमार, पुलिस उप अधीक्षक आर्यन चौधरी भी शामिल थे। उसके बाद कंट्रोल रूम से फायर ब्रिगेड, रेड क्रॉस, पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड, स्वास्थ्य विभाग को फोन से हमला होने और तुरंत प्रभाव से लघु सचिवालय में पहुंचने की सूचना दी गई। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्रवीण कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही पहुंचे कर्मचारी व अधिकारी
कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के साथ ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेड क्रॉस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड सिविल और सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण प्राप्त सभी कर्मचारी अधिकारी और अन्य युवा लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे और और राहत कार्य में जुटे। डीसी और एसपी की देखरेख में बचाव कार्य हुआ। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने एक जगह पर लगी आग को तुरंत प्रभाव से काबू पाया।
ड्रोन हमले में घायल हुए 20 नागरिक
बचाव कार्य के दौरान पता चला कि ड्रोन हमले में करीब 20 नागरिक जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेडक्रॉस द्वारा उपचार के लिए सहायता केंद्र स्थापित किया गया, जहां पर जख्मी लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को एंबुलेंस की सहायता से चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। उपचार के दौरान डीसी महावीर कौशिक के निर्देशानुसार सामान्य अस्पताल की तरफ से ब्लड की 30 यूनिट का भी प्रबंध किया गया।
बचाव कार्य के दौरान बनाया सुरक्षा घेरा
बचाव कार्य के दौरान एहतियात बरतने के लिए बार-बार सावधान किया गया। लघु सचिवालय परिसर के अंदर जब तक बचाव कार्य चले, कोई व्यक्ति अंदर ना जाए। पुलिस के जवानों द्वारा लघु सचिवालय का सुरक्षा घेरा बनाया गया। पुलिस द्वारा अंतिम सर्च अभियान भी चलाया गया, जिसमें एक अन्य व्यक्ति और जख्मी मिला, ऐसे में कुल 20 व्यक्ति जख्मी हुए।
15 मिनट तक रहा शहर में ब्लैक आउट
गृह मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन को लेकर शनिवार रात 8 बजे से सवा 8 बजे तक भिवानी शहर में ब्लैक आउट रिहर्सल की गई। हालांकि उपायुक्त महावीर कौशिक की तरफ से आम लोगों को ब्लैक आउट और सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल रिहर्सल को लेकर आगाह कर दिया था और किसी भी तरह से नहीं घबराने की बात भी कही थी। ब्लैक आउट के दौरान शहर भर की स्ट्रीट लाइट भी बंद कराई गई वहीं आम लोगों से भी वाहनों को रोकने का आह्वान किया गया।
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार ऑपरेशन शील्ड के तहत सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल रिहर्सल लघु सचिवालय परिसर में आयोजित की गई। मॉक ड्रिल आयोजित करने का मकसद सिविल डिफेंस वालंटियर को राहत कार्यों के बारे में जागरूक करना है। इसके साथ-साथ हमें यह भी पता चलता है कि यदि किसी देश के साथ युद्ध के हालात बनते हैं तो हमारे पास बचाव कार्य के लिए क्या-क्या संसाधन मौजूद हैं और किन-किन चीजों की आवश्यकता है। मॉक ड्रिल रिहर्सल के दौरान सिविल डिफेंस में शामिल सभी विभागों से वालंटियर ने बहुत ही अच्छे ढंग से बचाव कार्य किया और अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
- महावीर कौशिक, उपायुक्त, भिवानी।