चरखी दादरी।नई अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं बुधवार रात व वीरवार सुबह हुई बरसात से भीग गया। खरीद एजेंसियों की लापरवाही से समय पर गेहूं का न तो उठान हुआ और न ही इन्हें ढकने के प्रबंध किए गए। इससे हजारों क्विंटल गेहूं खराब होने की आशंका है। पिछले कुछ दिनों से मंडी में गेहूं की आवक बड़ी मात्रा में आ रही थी। जिसे एजेंसियां भी लगातार खरीदने में जुटी हुई थी, लेकिन मंडी में पहुंचा गेहूं शेड से बाहर डलवाया जा रहा था। खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियों पर तिरपाल तक नहीं ढका गया।
पिछले करीब दो-तीन दिन से मौसम के मिजाज को देखने के बाद भी मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों ने गेहूं लिफ्टिंग कार्य में कोई तेजी नहीं दिखाई । इससे किसानों का गेहूं बारिश में भीग गया। टीन शेड से से बाहर पड़े सैकड़ों क्विंटल गेहूं में बारिश के बाद माइश्चर की मात्रा भी बढ़ी है। अभी भी मौसम के तेवर बदले हुए हैं, मगर खरीद एजेंसियां इसे कतई गंभीर नहीं दिख रही। उठान प्रक्रिया में किसी प्रकार की तेजी नहीं हुई है। जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारी अपने दायित्व के प्रति किस तरह की कार्यशैली अपना रहे है। हैफेड मैनेजर जोगेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक 77740 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। जिसमें अधिकतर गोदाम में रखवा दिया गया है। अब मंडी परिसर में साढ़े चार हजार \
क्विंटल गेहूं का उठान होना बाकी है।
वेयर हाउस कारपोरेशन आक्सन रिकॉर्डर शमशेर सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी ने अब तक दो लाख 24 हजार सात सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की है। मंडी में उनकी एजेंसी का लगभग 15 से 20 हजार क्विंटल गेहूं पड़ा है। जिसका उठान अभी जारी है।