भिवानी। गांव जाटू लोहारी और पुर के खेतों में पिछले सात महीनों से जमा बरसाती पानी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात यह हैं कि खेतों में अभी भी करीब दो फीट तक पानी खड़ा है जिसके चलते रबी की मुख्य फसल गेहूं की बिजाई नहीं हो सकी है। ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालू ने इसे प्राकृतिक आपदा से अधिक प्रशासनिक और सरकारी लापरवाही का परिणाम बताया है।
जोगेंद्र तालू ने कहा कि सात महीने बीत जाने के बावजूद जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम न होना सरकार के संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। करीब सात माह पहले हुई भारी बारिश से खरीफ की फसल खेतों में ही सड़ गई थी और अब खेतों में लगातार पानी भरे रहने के कारण गेहूं की बिजाई का समय भी निकलता जा रहा है जिससे किसानों की भविष्य की आय के साधन खत्म हो गए हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दोगुना मुआवजा दिया जाए ताकि किसानों को हुए भारी नुकसान की भरपाई हो सके।