भिवानी। मानसून की बेरुखी और भीषण गर्मी से बेहाल शहरवासियों को अब जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। शहरी दायरे की लगभग सभी कॉलोनियों में पानी की किल्लत बनी है। 15 जून को नहरी पानी बंद हुआ था और 32 दिन के निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से 17 जुलाई को नहरों में पानी आने की उम्मीद है, लेकिन शहर के पुराने जलघर के वाटर टैंक सूख चुके हैं, जबकि गांव निनान व डाबर कॉलोनी के जलघर टैंक भी आधे से ज्यादा खाली हो चुके हैं। ऐसे में विभाग ने शहर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून की बेरुखी की वजह से हालात बिगड़े हैं। अगर बारिश होती है तो नहरों में निर्धारित शेड्यूल से पहले पानी आ जाएगा। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब राशनिंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए शनिवार या सोमवार से शहर के अंदर एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की तैयारी कर ली है।
भिवानी शहर की करीब तीन लाख की आबादी के लिए तीन मुख्य जलघर हैं। इनमें डाबर कॉलोनी, निनान जलघर, महम रोड का पुराना जलघर शामिल हैं। पुराने जलघर के टैंक अपनी भंडारण क्षमता खो चुके हैं। जून में ही पीने के पानी को लेकर काफी मारामारी थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में जलसंकट और भी गहराता चला गया। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से 32 दिन बाद नहरों में पानी आएगा। 15 जून को सुंदर नहर में पानी बंद हुआ था। अब शेड्यूल के हिसाब से 17 जुलाई को नहरों में पानी आने की उम्मीद है, जब तक नहरों में पानी आएगा तब तक 15 दिन तक पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति नियमित रख पाना मुश्किल होगा। इसी को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार से एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की राशनिंग करने का मन बना लिया है। शहर में 75 एमएलडी पानी की खपत बनी है, मगर आपूर्ति 69 एमएलडी ही हो पा रही है।
ये है नहरी पानी का शेड्यूल
सिंचाई विभाग के चार समूह हैं। इनमें भालौठ, जेएलएन, सुंदर व बुटाना शामिल हैैं। भालौठ से रोहतक, झज्जर, बहादुरगढ़ तक पानी की आपूर्ति होती है। जवाहरलाल नेहरू कैनाल (जेएलएन) से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल और चरखी दादरी में नहरी पानी दिया जा रहा है। बुटाना ग्रुप में गोहाना, महम, कलानौर क्षेत्र में नहरी पानी मिल रहा है। सुंदर ग्रुप में जींद और भिवानी जिले के आखिरी छोर लोहारू तक नहरी पानी आता है। प्रत्येक ग्रुप में आठ दिन नहरी पानी मिलता है, जबकि 32 दिन नहर बंद रहती है।
ये हो रही है शहर में पेयजल आपूर्ति
डाबर कॉलोनी जलघर टैंक में 1024 मिलियन लीटर पानी भंडारण क्षमता है। यहां से रोजाना 29 एमएलडी पानी सप्लाई मे दिया जा रहा है। 32 दिन तक आपूर्ति में काम चल सकता है। निनान जलघर टैंक की क्षमता 600 एमएलडी है। यहां से 20 एमएलडी पानी सप्लाई में दिया जा रहा है। 30 दिन तक आपूर्ति का काम चल सकता है। महम रोड जलघर में 400 एमएलडी पानी क्षमता है, यहां रोजाना 20 एमएलडी पानी सप्लाई में दिया जा रहा है। टैंकों के पानी से 15 दिन ही आपूर्ति हो सकती है।
यह की है वैकल्पिक व्यवस्था
जन स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पुराने शहर के अंदर पेयजल आपूर्ति के लिए निनान जलघर से पानी का इंतजाम किया है। महम रोड के जलघर से निनान जलघर तक पाइपलाइन डाली हुई है। पुराना जलघर में पानी भंडारण क्षमता भी काफी कम है, क्योंकि यहां दो बड़े टैंक तोड़कर एक नया टैंक बन रहा है। जब तक यह टैंक नहीं बनता, तब तक जल संकट पर पार पाना मुश्किल है। (संवाद)
जलघर में पानी नहीं है
महम रोड के जलघर में पानी नहीं है। जलापूर्ति को नियमित करने में काफी दिक्कत आ रही हैं। निनान जलघर से पुराना शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, वहीं सोमवार से पानी की राशनिंग पर भी विचार किया जा रहा है।
-प्रवीन कुमार, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
17 को नहर आने की उम्मीद
नहरी पानी शेड्यूल के हिसाब से 17 जुलाई को नहरों में पानी आने की उम्मीद है। अगर बारिश होती है तो निर्धारित शेड्यूल से पहले नहरी पानी मिल सकता है। अब तक मानसून कमजोर रहा है, यही वजह है कि नहरों में भी पानी नहीं है।
- नवीन देशवाल, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल, भिवानी।