शहर में दूषित पेयजल सप्लाई आमजन के साथ-साथ जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी आफत बनी है। दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या से परेशान लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा सीएम विंडो, सीएम पोर्टल और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं तो लीकेज खोज समस्या का समाधान करना जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए आफत बन गया है। अब जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने शहर की करीब दर्जनभर कॉलोनियों की विभिन्न लाइनें बदलने का निर्णय लिया है। जिसके लिए अब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सर्वे कर अस्टिमेट बनाने में जुटे है।
पिछले करीब दो साल से शहर वासियों के दूषित पेयजलापूर्ति परेशानी बनी है। कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा खूब उठा। यहां तक की समस्या का समाधान नहीं होने पर विधायक घनश्याम सर्राफ ने भी तत्कालीन शिक्षा मंत्री के समक्ष यह बात रखी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। करीब दो-दो माह की शिकायतें भी अभी तक लंबित है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी काफी प्रयास किए। लीकेज खोजने के लिए अनेक जगह खुदाई की, बावजूद इसके शहर में समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। अस्टिमेट की स्वीकृति के बाद ये लाइनें बदली जाएंगी।
इन कॉलोनियों में बनी है गंदे पानी की सप्लाई की समस्या
शहर के किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, भारत नगर, बैंक कॉलोनी, लोहड़ चौपटा, हालु बाजार क्षेत्र, हनुमान ढाणी, आंबेडकर कॉलोनी, हनुमान गेट चौक क्षेत्र, कृष्णा कॉलोनी, देवसर चुंगी, शिव नगर कॉलोनी, टाइयान पाना, पार्क कॉलोनी, विद्या नगर, नया बाजार, एमसी कॉलोनी आदि कॉलोनियों में दूषित पेयजलापूर्ति की शिकायतें है।
मुख्य लाइन लीक, व्यर्थ बह रहा पानी, दुकानदारों में रोष
जोगीवाला मंदिर के पास से पतराम गेट बूस्टर को जाने वाली मुख्य लाइन पिछले पिछले करीब एक सप्ताह से डैमेज है। यहां हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। दुकानदार कुलदीप, संजय, अनिल, कृष्ण, सुभाष, रवींद्र, पवन, अजय, अंकुर ने बताया कि यह लाइन डाबर कॉलोनी जलघर से आई हुई है और पतराम गेट बुस्टर तक जाती है। लाइन लीकेज के कारण हजारों लीटर पानी हर रोज व्यर्थ बह रहा है। कर्मचारी इसे ठीक करने भी आए थे मगर ठीक नहीं कर पाये।
प्रेशर से फट रही लाइनें, लीकेज खोजने को किये गड्ढे ही गड्ढे
सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद पानी की मांग अब कम हो गई है। लाइनों में पानी प्रेशर से आता है। इस कारण अब जनस्वास्थ्य विभाग की लाइनें भी प्रेशर के कारण फट रही है। हालांकि अब पेयजल सप्लाई में थोड़ी कटौती की गई है। बावजूद इसके यहीं स्थिति बनी हुई है। लीकेज खोजने को कर्मचारी जगह-जगह गड्ढे कर रहे है, बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
दूषित पेयजलापूर्ति की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां काफी प्रयास के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, वहां की लाइनें चिन्हित कर बदली जाएंगी। इसका सर्वे किया जा रहा है। पुराने शहर में उपभोक्ताओं के 10-15 साल पुराने कनेक्शन है। उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में लीकेज के कारण दूषित पेयजल सप्लाई हो रही है।
दर्शन सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग