अब पूरे हरियाणा में चार की बजाए पांच ग्रुपों में प्रदेश में फैली नहरों में पानी की आपूर्ति दी जाएगी। इसके चलते 32 दिन नहरें बंद रहेंगी और आठ दिन नहरों में पानी चलेगा। इससे पहले प्रदेश की नहरों को चार ग्रुपों में बांटकर पानी की आपूर्ति दी जाती थी। इसमें 24 दिन नहरें बंद रहती थी और आठ दिन इनमें पानी चलता था। अब एक बार आठ दिन नहर में पानी चला तो फिर 32 दिन बाद ही उस नहर में पानी आएगा। सिंचाई विभाग ने यह कदम हिमाचल में हुई इस बार अच्छी बर्फबारी के चलते उठाया है। इससे नहरों में पानी की स्थिति भी अच्छी रहने की उम्मीद है। अगर इसी तरह पांच ग्रुप रहते हैं तो प्रदेश में गर्मियों के सीजन में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा में पेयजल की जरूरतों के साथ अधिकांश खेतीबाड़ी सिंचाई के लिए नहरी पानी पर निर्भर है। यमुना के जल स्तर पर भी नहरों की सेहत बिगड़ती और सुधरती है। अगर यमुना का जलस्तर ठीक रहता है तो फिर टेल तक पानी की उम्मीद है। अगर नदी का जलस्तर घटता है तो फिर नहरों की हालत भी पतली हो जाती है। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में ही फसल कटाई का काम शुरू होना है। किसान अगली फसल की तैयारी करते हैं, इसके लिए उनकी सबसे पहली जरूरत नहरी पानी होगी। मगर इस बार पांच ग्रुपों में पानी चलने से नहरों में पानी की बेहतर स्थिति की उम्मीद भी बनी है। इसकी शुरुआत 16 से 23 फरवरी तक भालोठ ग्रुप से होगी। इसके बाद अन्य ग्रुपों को पांच ग्रुपों के नए शेडयूल से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
ये बने हैं सिंचाई के लिए नहरों के पांच ग्रुप
सिंचाई विभाग ने पांच ग्रुप बनाए हैं। इनमें सुंदर ग्रुप, भालोठ ग्रुप, जेएलएन ग्रुप, जेएलएन एमकेडी व बुटाना ग्रुप शामिल है। इससे पहले सुंदर ग्रुप, भालोठ, जेएलएन और बुटाना ग्रुप ही बनाए गए थे। जबकि जेएलएन (जवाहरलाल नेहरू कनाल) में तीन नए सब ग्रुप बना दिए गए हैं।
ये रहेगी प्रदेश की नहरों में नहरी पानी की स्थिति
आगामी 16 से 23 फरवरी तक प्रथम ग्रुप में भालोठ, दूसरे ग्रुप में जेएलएन, तीसरे ग्रुप में जेएलएन एमकेडी, चौथे ग्रुप में बुटाना व पांचवें ग्रुप में सुंदर नहर में नहरी पानी दिया जाएगा। इसके बाद 24 फरवरी से दो मार्च तक प्रथम ग्रुप में सुंदर, दूसरे ग्रुप में भालोठ, तीसरे ग्रुप में जेएलएन, चौथे ग्रुप में जेएलएन एमकेडी व पांचवें ग्रुप में बुटाना शामिल होगा। फिर तीन से 10 मार्च तक बुटाना ग्रुप प्रथम, सुंदर द्वितीय, भालोठ तृतीय, जेएचएन चौथे व जेएलएन एमकेडी पांचवें ग्रुप में आ जाएगा। इसी तरह 11 से 18 मार्च तक जेएलएन एमकेडी प्रथम, बुटाना द्वितीय, सुंदर तृतीय, भालोठ चौथे और जेएलएन पांचवें ग्रुप में आएगी। 19 से 26 मार्च तक जेएलएन प्रथम, जेएलएन एमकेडी द्वितीय, बुटाना तृतीय, सुंदर चौथे और भालोठ को पांचवें ग्रुप में पानी मिलेगा। 27 मार्च से तीन अप्रैल तक भालोठ प्रथम, जेएलएन द्वितीय, जेएलएन एमकेडी तृतीय, बुटाना चौथे व सुंदर को पांचवें ग्रुप में नहरी पानी मिलेगा।
गर्मियों में गहरा सकता है संकट
पिछले वर्ष गर्मियों में पेयजल संकट गहराया। इसका कारण रहा अधिकतर जिलों में पानी के स्टोरेज टैंकों की क्षमता कम होना और नहरों में पानी 24 दिन बाद आना। 24 दिनों में सप्लाई आने के समय ही काफी पेयजल संकट गहरा गया था तो 32 दिन बाद सप्लाई आने पर तो समस्या और गहरा सकती है।
पहले चार ग्रुप बने थे तो उस समय आठ दिन नहर चलती थी और 24 दिन नहरें बंद रहती थी। अब पांच ग्रुप बनाए गए हैं, इसमें आठ दिन नहर में पानी चलेगा और 32 दिन बंद रहेंगी। इस बार बर्फबारी की वजह से नहरी पानी की स्थिति काफी बेहतर आंकी जा रही है। गर्मियों के मौसम में पेयजल जरूरतों के साथ साथ सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा।
- दलीप सिंह चेरवाल, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।