भिवानी। जूई नहर में 26 मार्च तक का ही पानी चलने का शेड्यूल मिला है। इससे शहर व ग्रामीण क्षेत्र में जलसंकट से निजात मिलने के बहुत कम आसार हैं। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर में पानी चलने का शेड्यूल बढ़वाने के प्रयासों में जुटे हैं जबकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों का दावा है कि शहरी दायरे के टैंकों में अभी डेढ़ फुट पानी ही जमा हुआ है। अगर यही हालात रहे तो इस बार होली में पानी बर्बाद करना तो दूर पीने लायक सप्लाई मिलना भी मुश्किल हो जाएगी। हालांकि शहर में अभी राशनिंग जारी रहेगी। बाहरी कॉलोनी के लोगों की प्यास टैंकरों से बुझ रही है।
17 मार्च से ही नहरों में पानी चला है। लेकिन यमुना में जल स्तर काफी कम होने की वजह से अधिकारियों को एक नहर का एक सिस्टम चलाने के लिए दूसरा सिस्टम बंद रखना पड़ा। यही वजह रही कि आठ दिन के शेड्यूल में चार दिन सुंदर सब ब्रांच व मिताथल फीडर को पानी मिला, अब चार दिन जूई फीडर में पानी दिया जा रहा है। महम रोड स्थित जलघर जूई फीडर से जुड़ा है। हालांकि नहर में अभी पानी चल रहा है, मगर ये पानी 26 मार्च तक ही मिलेगा। ऐसे में जलघर के टैंक आधे भरने की ही उम्मीद है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों का कहना है कि पूरे शहर में पानी की राशनिंग चल रही है। वहीं लोगों से भी जल बचाने की अपील कर रहे हैं। अगर नहर बंद होने से पहले टैंक नहीं भरे गए तो फिर जिला प्रशासन से अनुरोध कर अतिरिक्त नहरी पानी की डिमांड की जाएगी। अभी तक जलघर के टैंकों में नियमित सप्लाई दिए जाने लायक पानी का भंडारण नहीं हुआ है।
सिंचाई विभाग अधिकारियों से लगातार बात कर रहे हैं। जूई नहर में 26 मार्च तक का ही पानी का शेड्यूल मिला है। अभी महम रोड के जलघर टैंकों में सिर्फ डेढ़ फुट पानी जमा हुआ है। शहरवासियों से जल बचाने की अपील के साथ-साथ नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने तक धैर्य से काम लेने की अनुरोध भी कर रहे हैं। अगर नहरी पानी का शेड्यूल आगे बढ़ता है तो टैंक भरने के आसार अधिक रहेंगे।
-सतीशचंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।