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तीन माह से नहीं मिला पानी तो सड़क पर उतरीं महिलाएं

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पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करतीं हालुवास गेट नई बस्ती की म? - फोटो : Bhiwani
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हालुवास गेट चौ. बंसीलाल पार्क के पीछे नई बस्ती के 250 घरों में पिछले तीन महीनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही। जब भी पानी की आपूर्ति होती है वह भी दूषित हो रही है। रविवार को नई बस्ती की महिलाओं व लोगों ने पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
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पेयजल आपूर्ति न होने से नाराज हालुवास गेट नई बस्ती निवासी छत्तर सिंह, नर्मदा, सुदेश, भतेरी, गोमती, उमेश, सुनीता, सीता, तन्नू, माया, धनपति, नीति, नत्थूराम, जयभगवान, ओमप्रकाश ने बताया कि हालुवास गेट पर इस इलाके की मुख्य पेयजल सप्लाई का वाल्ब लगा हुआ है। नई बस्ती की छह इंची लाइन में अब लिटल हार्ट स्कूल के पास गली में छह इंची पाइप लाइन जोड़ दी है। जबकि हालुवास गेट फाटक पार कॉलोनी की छह इंची पेयजल लाइन भी इसी के अंदर जोड़ी गई है। अब इसी लाइन से पहले नई बस्ती के लोगों को पानी मिलता था, अब तीन कॉलोनियों को पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें टेल पर लगने वाले घरों तक पानी की बूंद भी नहीं पहुंच पाती। जबकि लंबे अर्से से दूषित पेयजल आपूर्ति की भी समस्या बनी है, जिसकी शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा।
ये बोले नई बस्ती के लोग
चार बार पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को बस्ती में पेयजल समस्या की शिकायत दी गई, मगर एक बार भी समाधान नहीं हुआ। जेई ने मौका मुआयना तो किया, मगर लाइन व पानी की स्थिति में कोई सुधार नहीं होने की बात कहकर चलते बने। तब से बस्ती के लोग पेयजल दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। जबकि विभाग के पास कोई समाधान नहीं है तो आखिर कौन उनकी समस्या का निदान करेगा।
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- छत्तर सिंह, क्षेत्रवासी।
सत्तर के दशक में हालुवास गेट क्षेत्र का ये इलाका आबाद हुआ था। तब से लेकर आज तक बड़े संघर्ष से इलाके में पेयजल लाइन डलवाई गई। चंडीगढ़ तक चक्कर काटने पड़े। अब इस आबादी का दायरा बढ़ा तो यहां पुरानी लाइन में ही नई पेयजल लाइन बिछा दी, जबकि लाइन की मोटाई नहीं बढ़ाई। अब इस इलाके में पेयजल आपूर्ति का कोई सिस्टम ही ठीक नहीं है। अधिकारी भी किसी की नहीं सुनते।
- जगत सिंह, पूर्व पार्षद।
जमीन का पानी भी इतना खराब है कि उसे पीना तो दूर कपड़े धोना तक संभव नहीं है। अब वे पीने का पानी आखिर लाए तो कहां से लाएं। यहां पर तीन से चार दिन में एक बार नलों से कुछ मिनट पानी टपकता है तो वह भी दूषित, ऐसे पानी के सेवन तो दूर उसे सूंघने भर से शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। पेयजल समस्या का समाधान जल्द से जल्द हो तब जाकर उन्हें राहत मिले।
- धनपति, क्षेत्रवासी।
नई बस्ती सहित आसपास की कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति के लिए केवल एक ही वाल्ब लगा रखा है। एक ही समय में पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। जबकि अलग अलग कॉलोनियों के लिए अलग अलग वाल्ब लगाए जाएं और आपूर्ति का समय भी अलग अलग हो, तब जाकर उनके घरों तक पीने का पानी पहुंचेगा। अधिकारी हैं कि शिकायत पर यहां आकर घुमकर चले जाते हैं, मगर समाधान की दिशा में स्थिति समझकर भी कदम नहीं उठाते।
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- सुनीता, क्षेत्रवासी।
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