भिवानी। पिछले करीब छह माह से पानी की किल्लत से जूझ रहे बवानीखेड़ा के पुर गांव की महिलाओं ने सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा लेकर पहुंचे सीएम के सामने नारे लगाते हुए विरोध जताया। इस पर महिलाओं को संबोधित करते हुए सीएम मनोहर लाल बोले कि धान लगाना छोड़ दो, पूरा पानी मिलेगा। इतना कहकर सीएम ने महिलाओं को शांत कराया और अपना काफिला लेकर आगे बढ़ गए।
सोमवार दोपहर एक बजे सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा महम के बाद मुंढाल होते हुए भिवानी के बवानीखेड़ा के पुर गांव में पहुंची। सीएम के आगमन पर गांव की महिलाएं सड़क किनारे आकर खड़ी हो गईं और नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं का विरोध देखकर डीसी सुजान सिंह, एसपी गंगाराम पूनिया समेत तमाम अधिकारी आनन-फानन हरकत में आए और इन महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस जवान भी महिलाओं को तितर बितर करने लगे। इस बीच गांव की महिलाओं ने एडीसी मनोज कुमार की गाड़ी का घेराव किया। इसके बाद जब मुख्यमंत्री वहां पहुंचे और महिलाओं की बातें सुनी। महिलाओं ने उनको बताया कि पिछले छह माह से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। पानी इतना गंदा आता है कि पीने के कार्यों में प्रयोग करना तो दूर किसी अन्य कार्य में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं की समस्या सुनने के बाद कहा कि यहां धान लगाना बंद कर दो, पूरा पानी मिलेगा। इसके बाद भी महिलाओं का गुस्सा नहीं थमा मगर सीएम का काफिला आगे बढ़ गया। हंगामे की सूचना के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसई, एक्सईएन और अन्य अधिकारी गांव में पहुंचे और पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया। गांव के सरपंच शेर सिंह दहिया का कहना है कि गांव में दो-तीन महीने से पेयजल की समस्या है। अब नई लाइन डाली जा रही है। जिसमें थोड़ा टाइम लग रहा है। पानी बहुत कम आता है। पानी की समस्या को लेकर ही गांव की महिलाओं ने रोष जताया है।
जेई,एसडीओ को बंधक बना चुके है ग्रामीण
पेयजल समस्या को लेकर पुर गांव के ग्रामीण जेई, एसडीओ तक को बंधक बना चुके है। एक जुलाई को ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन करते हुए जेई व एसडीओ को गांव के जलघर में ही बंधक बना लिया था। इससे पहले एक अन्य कर्मचारियों को बंधक बनाया गया था। उस समय भी ग्रामीणों को जल्द स्वच्छ पेयजल का आश्वासन दिया गया था।
ग्रामीणों ने घरों की गंदी नालियों का कनेक्शन नहर में कर रखा है। जिस कारण घरों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। निरीक्षण किया है और जल्द ही बेहतर व्यवस्था बना ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
विक्रमजीत सिंह, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग