नहर में पानी आने के बाद अब शहर वासी पानी की नई समस्या से जूझ रहे है। यह है मिट्टी वाला दुर्गंध युक्त पानी। महिलाओं का कहना है कि यह पानी पीना तो दूर कपड़े धाने लायक भी नहीं है। घर और बर्तनों से भी दुर्गंध आ रही है। शहर की करीब दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों में यह समस्या है। सप्लाई में पानी आने के बावजूद शहर वासी टैंकर के पानी पर निर्भर है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार नहर में आए पानी में मिट्टी ज्यादा है। जिस कारण फिल्टर मशीन भी चौक हो रही है और उन्हें बंद करके दोबारा चलाना पड़ रहा है। इसके अलावा पानी साफ करने के लिए फिटकरी की मात्रा डबल की गई है, वहीं क्लोरीन की मात्रा भी बढ़ाई गई है। शहर की कुछ कॉलोनियों में अभी भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिस कारण इन कॉलोनियों के बाशिंदे परेशान है। खासकर महिलाएं भरी दोपहर में पानी ढोने को मजबूर है।
करीब 11 दिन के इंतजार के बाद बीती सात जुलाई को नहर में पानी आया। इससे पहले शहर वासी पानी को तरस रहे थे। 10 जुलाई से ही सप्लाई नियमित हो पाई। सप्लाई भले ही अब नियमित हो गई हो मगर नल में आए पानी को देख लोगों के चेहरों पर खुशी आने की बजाए चिंता की लकीरें है। दरअसल पानी खराब है। लोगों का कहना है कि पानी मिट्टी वाला और दुर्गंध युक्त है। जिसे पीना तो दूर किसी कार्य में प्रयोग नहीं किया जा सकता। सप्लाई आने के बाद भी लोग हैंडपंप से पानी ढोने और टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर है। ऐसा लग रहा है कि सीवर लाइनों के लीकेज के कारण यह समस्या बनी है।
इन कॉलोनियों में है समस्या
शहर की पुराना पटवार खाना चुहड़ सिंह की बाजारी, वाल्मीकि बस्ती, हनुमान गेट, हालुवास गेट, टाइयान पाना, कीर्ति नगर, नेहरू कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, सराय चौपटा, गोशाला मार्केट, ढाणा रोड, हनुमान ढाणी आदि में गंदे पानी की ज्यादा समस्या है।
बर्तनों से बदबू नहीं हो रही खत्म
महिला सरोज, किरण, सुनीता, मनभावनी, प्रवीण, शीला, बबीता, टीना, मुन्नी, कमलेश ने बताया कि वे 15 दिन से पानी को लेकर परेशान है। पहले पानी आता ही नहीं था और अब आ रहा है तो दुर्गंध वाला पानी आ रहा है। यह न तो पीने लायक है और न ही अन्य कार्यों में प्रयोग करने लायक। पानी इतना खराब है कि बर्तनों से भी दुर्गंध आने लगी है। अब सबमर्सिबल का पानी लाते है या फिर टैंकर से पानी मंगवाते है।
इस बार नहर में जो पानी आया है, उसमें मिट्टी बहुत ज्यादा है। इसे फिल्टर करने में भी समय लग रहा है। फिल्टर बार-बार चौक हो रहे है। इस कारण दोबारा से शुरू करने पड़ते है। इस समस्या से निपटने के लिए फिटकरी की मात्रा डबल की गई है वहीं क्लोरीन की मात्रा बढ़ाई गई है। सीवर मिक्स पानी आने की शिकायत है तो यह उपभोक्ताओं के पाइपों में ही लीकेज मिलेगी। वे अपने स्तर पर एक बार चेक करवा ले।
कपिल श्योराण, जेई
जनस्वास्थ्य विभाग
भिवानी। दादरी गेट स्थित आंबेडकर कॉलोनी में पिछले पांच दिन से पानी की सप्लाई नहीं आई है। शुक्रवार को वार्ड नंबर 13, 14, 23 के क्षेत्रवासियों ने जनस्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और पेयजल समस्या के समाधान की मांग की।
बंटी अली, डॉ. रवि, जसपाल, रौनक, निर्मला, शांति, मोनिका ने कहा कि उनके वार्ड में पेयजल की पिछले पांच दिन से समस्या बनी हुई है। जब पानी आता है तो बदबूदार आता है। क्षेत्रवासियों को टैंकरों व कैंपरों से काम चलाना पड़ता है। महिलाओं ने कहा कि उनके इलाके में सीवरेज का मिक्स काला पानी आता है। जो पीने के लायक नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जल्द से उनकी समस्या को हल करें अन्यथा वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगी। इस मौके पर मस्जिद कमेटी प्रधान जोरावर अली, मस्जिद कमेटी सचिव बंटी अली, जसपाल, चिंकू, डॉ. रवि, संजय कुमार, रमेश कुमार, अजय कुमार, रत्न सिंह आदि मौजूद थे। वार्ड नंबर 13 के एमसी प्रवीण ने कहा कि वे भी कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन पेयजल की समस्या हल नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पेयजल की किल्लत से निजात दिलवाने की मांग की।