दिनोद रोड के समीप स्थित जलघर के ओवरफ्लो व रिसाव की वजह से उक्त इलाके की करीब दो सौ एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। हालत ये हैं कि पक कर तैयार हुई धान की फसल में दो-दो फुट पानी जमा है। पानी की वजह से किसानों के खेतों के उपकरण में पानी डूबे हुए हैं। मामले को लेकर सोमवार को विधायक घनश्याम सर्राफ ने उक्त इलाके का दौरा किया और पीड़ित किसानों से बातचीत की।
विधायक सर्राफ ने मौके पर पहुंचे पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता को जलघर के टैंकों में हुए रिसाव को लेकर फटकार लगाए और शीघ्र दुरुस्त करने के आदेश दिए। साथ ही कहा कि अगर इस मामले में ढिलाई बरती तो वे अधिकारी अपनी बोरियां बिस्तर बांध ले। सोमवार दोपहर बाद विधायक घनश्याम सर्राफ दिनोद रोड पर पहुंचे। वहां पर करीब डेढ़ सौ एकड़ में जल भरा देखा। उन्होंने वहां पर कार्य कर रहे किसानों सेे बातचीत की और समस्या के बारे में जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने सिंचाई विभाग व पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इससे पूर्व उन्होंने इस मामले को लेकर पब्लिक हेल्थ के आला अधिकारियों से भी बातचीत की। इस दौरान पब्लिक हेल्थ कार्यकारी अभियंता रूपेश कुमार मौके पर पहुंचे। विधायक सर्राफ ने उनको शीघ्र जलघर के टैंकों की लीकेज को बंद करने के आदेश दिए। उन्होंने उसी वक्त अपने कनिष्ठ अधिकारियों को लीकेज की जांच करके उनको बंद कराने के निर्देश दिए।
जलघर के चारों तरफ झुंड ही झुंड
निरीक्षण के दौरान जिस जलघर के टैंक लीकेज हैं। उन टैंकों के चारों तरफ झुंड (सरकंडे) खड़ी है। हरे पेड़ों की वजह से टैंक कई जगह से लीकेज है। जलघर के रास्तों पर सरकंडों की वजह से आना व जाना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसमें विभाग की लापरवाही साफ झलक रही है। विभाग की लापरवाही की वजह से ही टैंक लीकेज हुए है। अगर विभाग थोड़ा सा सफाई की तरफ ध्यान देता तो शायद टैंकों की दिवारों के साथ सरकंडे नहीं उगते।
यह है मामला
दिनोद रोड पर जलघर बना हुआ है। उसके चारों तरफ झुंड व हरे पेड़ खड़े हैं। जिनकी वजह से जलघर की दीवारों से जगह-जगह से पानी लीकेज हो रहा है। वह पानी लीकेज होकर आसपास के खेतों में पहुंच गया। करीब दो एकड़ भूमि में कहीं पर दो तो कहीं पर एक फुट तक पानी जमा है। जिसकी वजह से किसानों वहां पर बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। विगत में किसानों ने किसी तरह से धान की फसल की बिजाई तो करवा दी, लेकिन अब फसल पक कर तैयार है, लेकिन उस फसल को काटने वाला कोई नहीं है। चूंकि जिस इलाके में धान की फसल खड़ी है। वहां पर दो से ढाई फुट तक पानी जमा है। ऐसे में फसल की कटाई नहीं हो सकती। वहीं पानी जमा होने की वजह से रबी की फसल की बिजाई नहीं की जा सकती। क्षेत्र के लोगों ने बताया इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
अभी भिवानी में स्थानांतरित होकर आया हूं। समस्या का आज ही पता लगी है। जो भी टैंक लीकेज हैं, उसकी शीघ्र मरम्मत करवाऊंगा और टैंक को ओवरफ्लो नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए आज से ही कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
- रुपेश कुमार, कार्यकारी अभियंता पब्लिक हेल्थ विभाग।
किसानों की शिकायत पर मौके पर जाकर देखा था। जलघर के टैंक ओवरफ्लो व एक-दो जगह से टूटा होने की वजह से इन खेतों में पानी जमा हुआ है। टैंक को शीघ्र दुरुस्त करवाने के पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। साथ ही जिन खेतों में पानी जमा हो गया है, उनका पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग से पंप सेट लगाने के लिए कहा गया है। इस मामले में कोई ढिलाई नहीं होगी।
- घनश्याम सर्राफ, विधायक भिवानी।