भिवानी। होली पर शहरवासियों को पेयजल संकट झेलना पड़ सकता है। होली का रंग छुड़ाने के लिए पानी कम पड़ सकता है। दरअसल पुराने जलघर में सिर्फ पांच दिन ही पानी की आपूर्ति लायक पानी बचा है, जबकि अगले सप्ताह होली है।
होली के हुड़दंग में शहर की पेयजल जरूरतों को ही मुश्किल से पूरा करना जनस्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनेगा। गर्मी की दस्तक के साथ शहर में 60 एमएलडी से बढ़कर रोजाना 65 एमएलडी (मिलियन लाख लीटर) पानी की मांग बढ़ गई है, जिसे पूरा करने के लिए विभाग ने अभी तक पेयजल आपूर्ति के समय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
पुराने शहर की करीब 65 से अधिक कॉलोनियों में पब्लिक हेल्थ विभाग रोजाना सुबह और शाम को पेयजल सप्लाई में करीब एक घंटे तक पानी की आपूर्ति दे रहा है, जबकि गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की मांग भी अब बढ़ चुकी है। इसके लिए प्रत्येक जोन में सप्लाई का समय करीब डेढ़ घंटा बढ़ाना जरूरी है। अधिकारियों की मानें तो पुराने जलघर में सिर्फ पांच से छह दिन तक ही पेयजल आपूर्ति का काम चल सकता है, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो नहरों में पानी 28 मार्च के बाद ही आएगा।
नहर में पानी आने तक पूरे शहर में पानी की नियमित आपूर्ति रख पाने में भी पब्लिक हेल्थ अधिकारियों के पसीने छूटेंगे। गर्मी में जलसंकट गहराना कोई नई बात नहीं है, मगर इस बार पुराने जलघर में नया टैंक बनकर तैयार हो चुका है। उम्म्मीद थी कि गर्मी के मौसम से पहले इस टैंक को भरा जाएगा। अगर यह टैंक भर जाता तो शायद शहर को जलसंकट को लेकर घबराना नहीं पड़ता। प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग भी शहरवासियों पर त्योहारी सीजन के दौरान पानी की बर्बादी नहीं कर जल बचाने का संदेश देने में जुटा है।
पानी की लाइन से मीटर गायब
पब्लिक हेल्थ विभाग के शहर के अंदर करीब 35 हजार वैध कनेक्शन हैं, जबकि करीब 40 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन भी हैं। पानी की बचत के लिए नियमित पेयजल कनेक्शनों पर मीटर लगवाने अनिवार्य किए हुए हैं, लेकिन शहर के अंदर पानी के कनेक्शनों से मीटर ही गायब हैं। जिससे की किस घर में कितना पानी खपत हुआ, इसका विभाग के पास कोई हिसाब नहीं है। हालांकि घरेलू और गैर घरेलू श्रेणी के पेयजल कनेक्शनों पर स्लैब के हिसाब से ही पानी का बिल भेजा जा रहा है। हर साल करीब दो करोड़ से अधिक की बिलिंग शहरी दायरे में होती हैं, जबकि पांच से सात करोड़ का पानी लोग मुफ्त में ही गटक रहे हैं। (संवाद)
निनान जलघर से लेना पड़ेगा पानी
फिलहाल हमारे पास पानी की स्थिति ठीक है, अगर नहर 28 मार्च के बाद आती है तो मुश्किले थोड़ी बढे़गी, क्योंकि पुराने जलघर में मौजूद पानी से सिर्फ पांच से छह दिन ही काम चल सकता है। इसके बाद पुराने शहर की पेयजल आपूर्ति नियमित रखने के लिए निनान जलघर से अतिरिक्त पानी की मदद लेनी पड़ेगी।
-प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
28 के बाद आएगा पानी
जूई नहर में 28 मार्च के बाद पानी आएगा। इस बार हमारा इंडेंट 850 क्यूसेक का रहेगा। हमें उम्मीद है कि इंडेंट के हिसाब से नहरों में पानी मिल जाए, जिससे की शहरी दायरे के पानी की टैंकों को भरा जा सके।
- राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता जूई वाटर सर्विसिज डिविजन भिवानी।