भिवानी। शहर की 25 से अधिक रिहायशी कॉलोनियों में जल संकट ने पैर पसार लिए हैं। वहीं शहर के मुख्य बाजारों में भी कैंपरों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर के डाबर और निनान जलघरों में पानी का भंडारण भी कम बचा है, ऐसे में नहर में पानी आने तक नियमित पेयजल आपूर्ति में भी मुश्किल हालात बनेंगे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो 30 अप्रैल तक नहरों में पानी आएगा।
वहीं नहरी पानी को लेकर सिंचाई विभाग अधिकारी भी लगातार मुख्यालय से संपर्क बनाए हैं, ताकि नहर में पानी आने में तनिक भी देरी न हो। पुराना शहर पहले से ही राशनिंग से घिरा है। अब निनान और डाबर जलघर से आपूर्ति में भी परेशानी बनेगी। इसी को लेकर अब पूरे शहर पर जल संकट के बादल मंडरा गए हैं। नहर में पानी आने में अभी चार से पांच दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
भिवानी शहर में रोजाना ही तीनों जलघरों से 65 एमएलडी पानी की आपूर्ति पूरे शहर को मिल रही है। जलघरों में पानी भंडारण की बात करें तो महम रोड जलघर के टैंक तलहटी से कुछ फुट पानी से भरे हैं, जबकि निनान और डाबर कॉलोनी जलघर टैंकों का जलस्तर भी तलहटी की ओर बढ़ रहा है। शहर के मुख्य बाजार पहले से ही पानी के कैंपरों पर निर्भर हैं, जहां डिमांड को देख आपूर्ति भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। शहर के दिनोद रोड, आंबेडकर कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, शहर का घंटाघर, सराय चौपटा, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, जैन चौक, डिब्बा बस्ती कॉलोनी, हनुमान गेट, पीपलीवाली जोहड़ी क्षेत्र सहित कई ऐसी कॉलोनी हैं, जहां पानी की आपूर्ति एक दिन छोड़ एक दिन हो रही है।
हैंडपंपों के सहारे बुझ रही अस्पताल में भी मरीजों की प्यास
जिला नागरिक अस्पताल परिसर में भी जल संकट का असर बना है। क्योंकि यहां पर वार्डों के अंदर पीने का पानी नहीं है और वाटर कूलर सूख चुके हैं। ऐसे में मरीजों के तीमारदार भी सीढि़यां नाप हैंडपंप से पानी लेने के लिए नीचे ग्राउंड में आ रहे हैं, जहां दिनभर हैंडपंप से लोग पानी खींच कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। वहीं वार्डों में दाखिल मरीजों को भी हैंडपंप के पानी को बोतल में भरकर पिला रहे हैं। अस्पताल परिसर में दो से तीन जगह हैंड पंप लगे हैं, जो पानी की किल्लत के दौरान लोगों की प्यास बुझाने के काम आते हैं।
गंदे पानी ने बढ़ाया पेयजल आपूर्ति का मर्ज
पेयजल आपूर्ति में सबसे अधिक शिकायतें गंदे पानी की आ रही हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी वार्ड स्तर पर लोगों की समस्याएं जानने पहुंच रहे हैं, जिन्हें घरों के अंदर आ रहे गंदे पानी से रूबरू कराया जा रहा है। गंदे पानी की वजह से लोगों के अंदर बीमारियों का संक्रमण भी बढ़ रहा है। इन दिनों गर्मी की दस्तक हो चुकी है और ऐसे में गंदे पानी से पेट दर्द, उल्टी दस्त के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो ज्यादातर लोग गंदा पानी पीने की वजह से ही बीमार हो रहे हैं।
पुराने जलघर के टैंकों में कम पानी है। इस वजह से राशनिंग चल रही है। लोगों से कैंपों के दौरान पानी की बर्बादी नहीं करने और जल की अहमियत समझते हुए इसका सदुपयोग करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। शहर के अंदर अवैध और लीकेज पेयजल कनेक्शनों को भी काटा जा रहा है। नहर आने तक पानी की शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति में दिक्कतें नहीं आने दी जाएंगी।
-सतीशचंद्र एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।