ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी अब जन स्वास्थ्य विभाग शहरी तर्ज पर पेयजल बिल भेजने की तैयारी में है। फिलहाल विभाग इन बिलों को तैयार करवा रहा है। करीब 50 प्रतिशत बिल विभाग तैयार कर चुका है और बाकी बचे बिल माह के अंत तक तैयार हो जाएंगे। सितंबर माह के पहले सप्ताह में इन्हें भेजने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को हर हाल में पेयजल बिल जमा करवाना होगा। आज तक जन स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं को पानी के बिल नहीं भेजे हैं लेकिन अब कोई उपभोक्ता इससे बच नहीं पाएगा। विभाग अधिकारियों को इस बारे में आवश्यक निर्देश मिल चुके हैं। इस समय गांवों में करीब 64 लाख रुपये की राशि बकाया पड़ी है। गांवों में आज तकीं बिल नहीं भेजे गए तथा न ही किसी ने इस ओर ध्यान दिया। गांवों में सरेआम अवैध कनेक्शन भी चल रहे हैं जिससे पानी की बर्बादी भी हो रही है और लोग बिल का भुगतान तो कतई नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों विभाग कर्मचारियों ने गांवों में जाकर अवैध कनेक्शनों को रेगुलाइज भी किया था।
गांवों में कुल 19 हजार 952 कनेक्शन
गांवों में कुल 19 हजार 952 कनेक्शन हैं। जनस्वास्थ्य विभाग को मिले पत्र में कहा गया कि गत 15 अप्रैल 2015 से बकाया बिलों की राशि वसूलनी शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी पेयजल कनेक्शनधारकों को घर घर जाकर पानी के बिल भेजे जाएंगे।
मार्च 2015 तक के हो चुके माफ
सरकार ने ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं के गत मार्च 2015 तक के पानी के बिल पहले ही माफ कर दिए हैं अब अप्रैल 2015 से बकाया चले आ रहे बिल का भुगतान उपभोक्ताओं को हर हाल में करना होगा। इस समय पानी बिलों के रूप में 63 लाख 84 हजार की राशि बकाया पड़ी है। गांवों में पेयजल बिल प्रति माह 20 रुपये है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए यह बिल राशि मात्र 10 रूपये ही है लेकिन फिर भी लोग बिलों की अदायगी करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग अब छह माह का बिल एक साथ भेजेगा। विभाग ने बिल भरने के लिए छह माह का शेड्यूल बना रखा है। इसी के मुताबिक बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।