करीब आठ माह बाद अधिकारी फिर शहर की सफाई का निरीक्षण करने सड़क पर उतरे। हालात सुधरने की बजाए पहले से भी बदत्तर मिले। जगह-जगह कचरे के ढेर और गंदगी। एसडीएम ने निरीक्षण के बाद नगर परिषद के दो सेनेटरी इंस्पेक्टर और 12 दरोगाओं को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।
दो अक्तूबर आने में एक महीना ही शेष है। दो साल पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी। अब हालात ये है किजगह- जगह कचरे के ढ़ेर लगे है। अनेक जगह तो सड़क तक कचरा फैला है। एसडीएम सतपाल सिंह ने बुधवार को नगर परिषद एमई सुंदर सिंह, जेई सौहार्द व अन्य के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खुली और जगह-जगह कचरे के ढेर मिले। गंदगी से खफा एसडीएम ने नगर परिषद के दोनों सेनेटरी इंस्पेक्टर विकास और ब्रह्मजीत व 12 सफाई दरोगाओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
बृहस्पतिवार को नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को भी फटकार लगाकर शहर में सफाई व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए गए है। कचरा डालने के लिए बनाई चार दीवारी, फिर भी सड़क पर कचरा दादरी रोड पर खुले में कचरा डाला जा रहा था तो पिछले वर्ष करीब 10 लाख की लागत से चारदीवार कर अंदर ही कचरा डंप करने का स्थान बनाया गया। इससे उद्देश्य था कि सड़क पर कचरा न आए और मुख्य मार्ग पर कचरा न दिखाई दे।