भिवानी। चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए स्थापित नीकू वार्ड राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के नीकू वार्ड को प्रदेशभर के जिलों में अव्वल दर्जा देकर पहले स्थान से नवाजा है। नंबर वन बनने पर नीकू वार्ड के स्टाफ सदस्यों ने खुशी मनाई।
नवजात बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रदेशभर के सामान्य अस्पतालों में नीकू वार्ड स्थापित किए गए हैं। ये नीकू वार्ड एनआरएचएम स्कीम के तहत स्थापित किए गए थे। हाल ही में इन नीकू वार्डों में प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधाओं को जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे करवाया गया। सर्वे में राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक अनुरूप नवजात शिशुओं को बेहतर सुविधा देने में भिवानी के नीकू वार्ड को प्रदेशभर में अव्वल स्थान मिला है। सर्वे में यहां भर्ती होने वाले बच्चों, उनकी वर्तमान स्थिति, इलाज के बारे में जानकारी जुटाई गई। नीकू की इंचार्ज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुक्ता ने इस उपलब्धि के लिए स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। नीकू वार्ड में औसतन 28 से 30 शिशु रोज रहते है।
पिक्क लाइन से दिया जा रहा है शिशुओं को जीवनदान
सामान्य अस्पताल का नीकू वार्ड प्रदेशभर का एकमात्र ऐसा वार्ड है, जहां पर नवजात शिशुओं को जीवनदान देने के लिए पिक्क यानि पीआईसीसी लाइन की सुविधा दी जा रही है। इस तकनीक में नस के जरिये कंट्रोल लाइन से शिशु के दिल की मुख्य धमनी तक दवा पहुंचाई जाती है। पिक्क लाइन के जरिये शिशु को बार-बार कैंन्युला लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यहां फोटो थेरेपी, इंफ्यूजन पंप, मोनीटर्स और वेंटिलेटर की सुविधा भी हैं। इसके अलावा ब्लड के सभी टेस्ट, लीवर फंक्शन टेस्ट, कल्चर सेंसेविटी टेस्ट भी किए जाते हैं। नवजात शिशुओं की जान को बचाने के लिए अस्पताल में उनके खून तक को बदलने की भी सुविधा है। यहां पर ब्लड एक्सचेंज भी किया जाता है। नीकू वार्ड में शिशुओं को प्लेटलेट्स और खून भी चढ़ाया जाता है। जरूरत पड़ने पर शिशुओं को सफेद खून अर्थात ब्लड प्लाज्मा भी चढ़ाया जाता है। सफेद खून पीजीआई रोहतक से मंगवाया जाता है।
वर्जन:::::
यहां शिशुओं को पूरी तरह स्वस्थ होने और पूरा वजन होने पर ही डिस्चार्ज किया जाता है। आमतौर पर देर से रोने, अंडर वेट और हाईपोथर्मिया अर्थात अत्यधिक ठंड से पीड़ित शिशु वार्ड में आते हैं।
डॉ. मुक्ता, नीकू वार्ड इंचार्ज