भिवानी। देवसर से दिनोद मार्ग पर पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल अजय और बाइक से गिरकर घायल हुए उसके मंजीत का भिवानी के नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कासनी गैंग का वर्चस्व जमाने के लिए आरोपी दिनोद में बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे, ताकि उनका खौफ आसपास फैल सके।
जेजेपी नेता मनोज यादव ने भी इस प्रकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और इस संबंध में पुलिस ने भी उन्हें एहतियात बरतने और हथियार का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन देने के लिए कहा है। वहीं, पुलिस टीमें अजय और मंजीत को काबू किए जाने के बाद उनके अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए जुटी है।
वीरवार सुबह देवसर दिनोद मार्ग पर डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू के एसआई कृष्ण मलिक की टीम ने देवसर दिनोद मार्ग पर नाकाबंदी कर बाइक से आ रहे दिनोद निवासी अजय और मंजीत को रोकने की कोशिश की थी। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर ही ताबड़तोड़ गोली बरसा दी। इसके जवाबी फायरिंग में दौरान अजय के पैर में गोली लगी। वहीं, मंजीत बाइक से फिसलकर गिरने से चोटिल हो गया था। दोनों को ही इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। फिलहाल दोनों का कड़ी सुरक्षा के बीच नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस उनके स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उनसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
अब सदर पुलिस करेगी मामले में आगे की जांच
लोहारू डिटेक्टिव स्टाफ के साथ पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए अजय और मंजीत पर सदर पुलिस ने हत्या प्रयास सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, अब इस पूरे मामले की आगे की जांच भी सदर पुलिस ही करेगी। फिलहाल दोनों को डिटेक्टिव स्टाफ ने जेजेपी नेता मनोज यादव की हत्या की कोशिश को नाकाम करते हुए वारदात से पहले ही पकड़ा था।
आखिर कहां से आए पांच पिस्तौल और 150 कारतूस
पुलिस के अनुसार गांव दिनोद निवासी अजय और मंजीत बाइक पर पांच पिस्तौल और करीब 150 कारतूस लेकर जेजेपी हत्या की साजिश को अंजाम देने जा रहे थे। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि भारी मात्रा में इनके पास हथियार कहां से आए और कौन इन्हें हथियारों की सप्लाई दे रहा है। इन तमाम सवालों का जवाब ढूंढने के साथ साथ हथियार मुहैया कराने वालों तक भी पुलिस पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए अजय और मंजीत का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। इलाज के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेंगे। आरोपियों से अभी कई अहम खुलासे होने हैं और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में भी पुलिस जुटी है।
- रमेशचंद्र, एसएचओ, सदर पुलिस थाना, भिवानी।