नगर परिषद की ओर से तैयार कराई गई वार्ड वाइज मतदाता सूची मतदाताओं के लिए परेशानी बनी है। किसी वार्ड से दो सौ लोगों के नाम गायब हैं तो किसी वार्ड के लोगों के नाम किसी अन्य वार्ड में जोड़ दिए गए हैं। एक-एक वार्ड से दो-दो सौ लोगों के नाम गायब है। अब एसडीएम कार्यालय में आपत्तियों की झड़ी लग रही है। लोग अपने नाम जुड़वाने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
पिछले दिनों नगर परिषद ने नई वार्डबंदी के अनुसार मतदाता सूची तैयार कराई है। 31 वार्डों में एक लाख 16 हजार 142 मतदाताओं की लिस्ट तैयार की गई है जबकि पांच साल पहले हुए चुनाव में एक लाख 10 हजार 684 मतदाता थे। एक-एक वार्ड से दो-दो सौ मतदाता गायब हैं। किसी वार्ड के मतदाताओं को किसी वार्ड में जोड़ दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में जुड़े नए मतदाताओं के नाम ज्यादा गायब है। अकेले वार्ड 30 की जगत कॉलोनी, रामनगर कॉलोनी से ही करीब दो सौ से अधिक मतदाता गायब हैं। मतदाता में ये ही खामी नहीं बल्कि क्षेत्र किसी वार्ड में आता है और वोट बना दिए गए किसी वार्ड में। बैपटिस्ट स्कूल का क्षेत्र पहले वार्ड 30 में आता था जो अब वार्ड 29 में आएगा। मगर इस क्षेत्र के वोट भी वार्ड 30 में ही जोड़ रखे हैं। ये खामियां अकेले इन दो वार्डों की नहीं बल्कि अधिकतर वार्डों की है।
नाम काट दिए और अब लगवा रहे चक्कर
नाम कटने के बाद रामनगर कॉलोनी वासी विनोद, सतीश, सुभाष, रीटा, राजेश आदि ने बताया कि विधानसभा चुनाव में मतदान किया था, अब उनके नाम ही लिस्ट से गायब कर दिए हैं। नगर परिषद में गए तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एसडीएम कार्यालय भी गए। अब पता
नहीं जोड़ेंगे या नहीं।
नए वोटरों की लिस्ट ही गायब है
वार्ड 30 की निवर्तमान पार्षद सविता देवी ने बताया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव और अब वाली लिस्ट मिलाई तो पाया कि करीब दो सौ मतदाताओं की एक पूरी लिस्ट ही गायब है। उनके वार्ड में दो बीएलओ ने सर्वे कर लिस्ट तैयार की, फिर भी दो सौ से अधिक नाम उड़ा दिए।
क्या कहते है बीएलओ
बूथ 76 के बीएलओ रवीश ने बताया कि उन्होंने पूरी लिस्ट नप कार्यालय में जमा करवाई है। सिर्फ दूसरे वार्ड या शहर से बाहर गए लोगों के नाम के सामने शिफ्ट लिखा है। नाम कटे लोगों की जो लिस्ट दिखाई जा रही है, उससे अब की लिस्ट का बुधवार को कार्यालय में मिलान किया जाएगा। कैसे ये नाम नहीं आए है।