भिवानी। शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉपआउट बच्चों को तलाशने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत अब यह जिम्मेदारी एजुकेशन वॉलंटियर्स को दी जाएगी। एजुकेशन वाॅलंटियर्स को एक जनवरी से ड्रॉपआउट बच्चों की तलाश के लिए लगा दिया गया है। जिले में ड्रॉप आउट बच्चों को तलाश करने के लिए कुल सात एजुकेशन वॉलंटियर्स को लगाया गया है।
दरअसल, अब शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों को नहीं, बल्कि एजुकेशन वॉलंटियर्स को दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा नई पहल शुरू की गई है। नई पहल के तहत एक जनवरी से एजुकेशन वॉलंटियर्स स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान करेंगे। इसके बाद ये वॉलंटियर उन्हें दोबारा शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूलों से जोड़ेंगे।
इस पहल को लेकर विभाग का उद्देश्य शिक्षा से वंचित रहे बच्चों को फिर से स्कूलों में लाना है। 1 से 15 जनवरी तक छुट्टियों के दौरान एजुकेशन वालंटियर ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करेंगे। इसके तहत पहले बच्चों की पहचान स्कूल स्तर पर की जाएगी, फिर क्लस्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार होगी।
विभाग की ओर से एजुकेशन वॉलंटियर्स को प्रत्येक माह 10,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें ट्रांसपोर्टेशन, इंटरनेट सुविधा और बच्चों के लिए स्टेशनरी व शिक्षण सामग्री पर खर्च की राशि भी प्रदान की जाएगी। एक जनवरी से जिले में सात एजुकेशन वॉलंटियर्स को काम पर लगा दिया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉपआउट बच्चों को तलाशने के लिए एजुकेशन वॉलंटियर्स लगाए गए हैं। एक जनवरी से सात एजुकेशन वॉलंटियर्स को ड्रॉपआउट बच्चों की तलाश के लिए लगाया गया है। 15 जनवरी तक छुट्टियों के दौरान एजुकेशन वालंटियर ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करेंगे। - संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।