जुई। गांव जुई बिचली में बढ़ते पॉलिथीन के प्रयोग को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि सड़कों, गलियों, खेतों और नालियों में बिखरा पॉलिथीन पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ सकता है।
जुई बिचली निवासी लक्ष्मी, पूजा, कविता, अंजू, मंजू, सरबती, रोशनी, चंद्रकला और कृष्णा ने बताया कि गांव की गलियों व चौपालों पर पॉलिथीन के ढेर लगे रहते हैं। दुकानदारों से लेकर घरों तक, हर जगह इसका प्रयोग खुला हो रहा है। खुले में फेंकी गई थैलियां धीरे-धीरे गांव की सुंदरता को बिगाड़ रही हैं।
मवेशियों के लिए खतरा
जुई के मीरसिंह, बलराम, ओमप्रकाश, राजबीर, रामकिशन और संदीप ने बताया कि चराई के दौरान मवेशी पॉलिथीन निगल जाते हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार इससे आंतों में गंभीर रोग हो जाते हैं और कई बार जानवरों की मौत भी हो जाती है। ग्रामीण इसे सबसे बड़ी चिंता मान रहे हैं।
जलभराव और स्वास्थ्य पर प्रभाव
नालियों में फंसी पॉलिथीन के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। बरसात के दिनों में यह गंदगी बीमारियों को जन्म देती है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों से लेकर प्रशासन तक मदद की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे और दुकानदारों को पॉलिथीन के इस्तेमाल से रोके तो हालात सुधर सकते हैं। इसके साथ ही जागरूकता अभियान से बच्चों और महिलाओं को वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।