भिवानी। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुग्राम में कोरोना संक्रमण के आठ मामले सामने आने के बाद भिवानी में भी सतर्कता बढ़ा दी है। अब ओपीडी में प्रत्येक चिकित्सक के साथ स्टाफ सदस्यों के लिए भी मुंह पर मास्क जरूरी किया है। वहीं रोजाना 300 से 500 की सैंपलिंग जरूरी होगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में आने वाले संभावित मरीजों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला मुख्यालय के अस्पताल की ओपीडी के साथ पीएचसी और सीएचसी के अलावा हेल्थ वेलनेस सेंटरों में भी आरटीपीसीआर जांच के सैंपलों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने रोजाना 300 से 500 सैंपल लेने और उनकी जांच के निर्देश दिए हैं। आरटीपीसीआर जांच की जिला मुख्यालय पर सुविधा मुहैया कराई है। इन सैंपलों की रोजाना ही रिपोर्ट भी दी जाएगी। अगर कोई कोरोना संभावित मरीज सामने आता है तो फिर उसका सैंपल रोहतक पीजीआई को भेजा जाएगा। वहीं उस मरीज को आइसोलेशन के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
दरअसल, जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में रोजाना ही करीब 1200 से 1300 मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में किसी भी मरीज के मुंह पर मास्क और सामुदायिक दूरी तक नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले चिकित्सकों और तैनात स्टाफ को मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। रोजाना ही 300 से 500 सैंपल लिए जाएंगे और उसी दिन उसकी रिपोर्ट भी दी जाएगी। फिलहाल भिवानी जिले में कोई कोरोना संक्रमित नहीं है। लेकिन गुरुग्राम में आठ केस सक्रिय हैं। सभी चिकित्सकों और स्टाफ को भी मुंह पर मास्क लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।