भिवानी। नगर परिषद में घोटाले के मामले में विजिलेंस टीम जांच में जुटी है। दिल्ली की फर्जी फर्में विजिलेंस एसआईटी की रडार पर हैं। इसके अलावा नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव के पीए ललित यादव की तलाश में भी छापे मारे जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल की शिकायत पर नगर परिषद में करोड़ों के चेक घोटाले का खुलासा हुआ। नप की खातों से करोड़ों रुपये फर्जी फर्मों के खातों में भेजकर बड़ा घोटाला किया। प्राथमिक जांच में ही पुलिस 14.71 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा कर चुकी है। इस मामले में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट संजय बंसल और सुरेश कुमार, बैंक मैनेजर नितेश के अलावा तीन अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी को रिमांड के बाद जेल भेजा जा चुका है। अब विजिलेंस एसआईटी की ओर से मुख्य आरोपियों की प्रॉपर्टी संबंधित जानकारी शहरी निकाय निदेशालय से मांगी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया था कि विनोद और उसके भतीजे नितिन, एक रिश्तेदार अरुण के माध्यम से दिल्ली की काफी फर्जी फर्मों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। अब विजिलेंस टीम की रडार पर ये फर्जी फर्म संचालक हैं। जिनकी तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।
निवर्तमान चेयरमैन का पीए फरार
निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव की गिरफ्तारी तक खुलेआम घूमने वाला उनका पीए ललित यादव अब फरार है। मोबाइल बंद है तो व्हाट्सएप भी डिलीट किया जा चुका है। विजिलेंस उसकी तलाश में जुटी है। मामले की जांच में सामने आया था कि फर्जी चेकों पर हस्ताक्षर ललित ने किए थे। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद भी कई राज खुलेंगे।
जांच की जा रही है
मामले की जांच की जा रही है। ललित यादव की तलाश की जा रही। इसके अलावा फर्जी फर्मों, मुख्य आरोपियों की प्रॉपर्टी की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही पूरे केस को सॉल्व किया जाएगा।
- डीएसपी कमलजीत सिंह, इंचार्ज एसआईटी, विजिलेंस।