भिवानी। घंटाघर बूस्टर की मुख्य लाइन का वाल्व लीक होने के कारण पिछले दो दिन में लाखों लीटर स्वच्छ पानी व्यर्थ में ही सड़क पर बह गया। वाल्व को दुरुस्त करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उसकी लीकेज नहीं रुकी। पहले भी ये वाल्व कई बार लीक हो चुकी है। इसकी वजह वाल्व का काफी पुराना होना माना जा रहा है। वाल्व लीकेज के कारण पुरानी शहर की आठ से अधिक कॉलोनियों की करीब 40 हजार की आबादी को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
भिवानी के घंटाघर स्थित पानी की टंकी बूस्टर से शहर के सबसे बड़े जोन हालू जोन में पेयजल आपूर्ति होती है। इसमें कृष्णा कॉलोनी, घंटाघर क्षेत्र, सराय चौपटा, दिनोद गेट क्षेत्र, हालु बाजार, किरोड़ीमल बाजार क्षेत्र सहित आसपास का इलाका शामिल है। वाल्व लीकेज के कारण लाइन में भी पानी का प्रेशर नहीं बन पा रहा है। दो दिन से तो लीकेज के कारण स्वच्छ पानी व्यर्थ में ही सड़क और फुटपाथ पर बहकर काफी दूर तक जा रहा है। लीकेज का पानी आसपास की दुकानों पर आने जाने वालों के लिए भी परेशानी बना है। वहीं इसके अंतर्गत आने वाले इलाकों के घरों में भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने अब इस पुराने वाल्व को एक बार अस्थायी तौर पर ठीक कर इसे बदलने का प्रस्ताव भी भेज दिया है। क्योंकि बार-बार लीकेज के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के साथ-साथ व्यवस्था भी बिगड़ रही है।
पेयजल लाइन का वाल्व आए दिन लीक हो जाता है। इसके कारण हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। इस महीने में चौथी बार लीकेज हुई है। लीकेज की वजह से पानी बहकर दुकानों के आगे जमा हो गया है, जिसके कारण ग्राहकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
- सुरेश कुमार, दुकानदार।
होटल में खाना खाने के लिए आया था लेकिन यहां हर तरफ पानी जमा है। इसके कारण होटल तक जाना भी मुश्किल हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आमजन को परेशानी हो रही है।
- संदीप, राहगीर।
मेरी चाय की दुकान है और लीकेज का पानी दुकान में भर गया है। इसकी वजह से दुकान में रखा सामान भीगकर खराब हो गया है। यह पहली बार नहीं हुआ है, पहले भी कई बार विभाग की लापरवाही के कारण दुकानदारों को नुकसान हो चुका है। बाहर ग्राहकों को बैठने के लिए जगह नहीं है। सुबह से एक भी ग्राहक नहीं आया है।
- महेंद्र, दुकानदार।
पेयजल लाइन में लगा वाल्व लीक हो गया था, जिसके कारण यह समस्या बनी है। सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया जोकि लीकेज को ठीक करने में जुटे है।
- सचिन, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।