भिवानी। गत छह जून को प्राइवेट अस्पताल में गर्भवती महिला और अजन्मे शिशु की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने कहा कि जब तक डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होगी वे अजन्मे शिशु का शव नहीं लेंगे। परिजनों ने पहले जिला अस्पताल के सामने मुख्य मार्ग को जाम किया और फिर प्राइवेट अस्पताल के सामने रोहतक रोड को जाम किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों की तीखी नोंक-झोंक हुई। आखिरकार पुलिस ने मौके पर ही डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की और बयान दर्ज किए तो गुस्साए लोग शांत हुए और जाम खोला। मगर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने तक अजन्मे शिशु के शव को लेने से इंकार किया।
छह जून को दोपहर बाद रोहतक रोड न्यू भारत नगर के एक निजी अस्पताल में शांति नगर वासी गर्भवती महिला वेदवंती की संदिग्ध मौत हो गई थी। परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया था। पुलिस ने डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। अजन्मे शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेजा गया। वहां से अब बिना पोस्टमार्टम के उसे भिवानी भेज दिया गया जहां डाक्टरों के बोर्ड ने जांच की। परिजनों को भी बुलाया गया। परिजनों ने अस्पताल में अजन्मे शिशु के शव को लेने से इंकार कर दिया। परिजनों ने डाक्टर की गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस पर भी मारपीट का आरोप लगाया। परिजनों ने रोष जताते हुए पहले सामान्य अस्पताल के मुख्यगेट पर जाम लगा। बाद में सामान्य अस्पताल के सामने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब 15 मिनट तक रोड जाम कर रोष जताया। यहां के बाद सभी गाड़ियों में सवार होकर रोहतक रोड निजी अस्पताल के बाहर पहुंचे। वहां रोष जताते हुए रोहतक रोड को जाम कर दिया। यहां पुलिस से तीखी नोंक-झोंक हुई। करीब 15 मिनट रोष जताने के बाद पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। कुछ मिनट खोलने के बाद गुस्साए लोगों ने फिर करीब 15 मिनट जाम लगाया। बाद में सदर थाना प्रभारी जय सिंह व सीआईए इंचार्ज संजय बिश्रोई ने लोगों को समझाया और कार्रवाई करने की बात कहकर वहीं एक दुकान में बयान दर्ज किए। रोष जताने वालों में खासी संख्या में महिलाएं शामिल रही।
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जब तक डाक्टर की गिरफ्तारी नहीं होती नहीं लेंगे शव
मृतक वेदवंती के पति जयसिंह ने कहा कि डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी की मौत हुई। पहले लेबर रूम में संभाला नहीं गया। बाद में कहां कि बच्चे या मां में से एक को बचा सकते है। उन्होंने कहा कि पत्नी को बचा लो। उन्हें अंदर नहीं जाने दिया और बाद में बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। जय सिंह ने कहा कि जब तक आरोपी डाक्टर की गिरफ्तारी नहीं होती वे अजन्मे बच्चे का शव नहीं लेंगे।
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वर्जन:::
डाक्टर के खिलाफ लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया गया है। मृतक महिला के पेट में मौजूद अजन्मे शिशु के शव को सौंपने के लिए परिजनों को बुलाया गया था। परिजन नाराजगी जताने लगे। अब लिखित में शिकायत की है तो डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जय सिंह, एसएचओ
सदर थाना