बहल। कस्बे में पिछले एक सप्ताह से बिजली के अघोषित कटों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। उमस भरी गर्मी में दिन हो या रात, बिजली गुल होने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। कस्बे के बिजली आधारित कामगारों का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है। वहीं पिलर बॉक्स की मरम्मत का काम भी अटका हुआ है।
कस्बे में अधिकतर दुकानदार और व्यवसायी बाहरी गांवों से आते हैं। वे सुबह घर से बहल काम करने आते हैं लेकिन दिनभर बिजली का इंतजार कर खाली हाथ लौट जाते हैं। इससे न सिर्फ धंधा ठप हो गया है बल्कि आवागमन का खर्च भी उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। बिजली व्यवस्था चरमराने से कस्बे की पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। लोग निजी ट्यूबवेल और जनस्वास्थ्य विभाग की सप्लाई पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली न होने से दोनों ही सेवाएं ठप पड़ी हैं।
बारिश के बाद बढ़ी उमस में लोग रातभर खुले में टहलने को मजबूर हैं। बहल निवासी सुरेश गर्ग पातवानिया, योगेश शर्मा, हिम्मत जावला, बलवान पूनिया, विजेंद्र शर्मा और हितेश कस्वां ने बताया कि समस्या को लेकर बिजली निगम से संपर्क किया गया था। इस पर एसडीओ ऋषभ कुमार ने सात दिन के भीतर सभी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया है।
बिजली निगम की लापरवाही से हालात बदतर हैं। न दिन में बिजली मिल रही है, न रात को। लगता है बिजली सप्लाई सुधारने के लिए कोई प्रयास ही नहीं हो रहा।- राजकुमार सुरपुरा, दुकानदार
हर रोज बहल आते हैं कि आज तो बिजली मिलेगी लेकिन पूरा दिन खाली बैठकर घर लौटना पड़ता है। कमाई तो दूर, खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। - संदीप मान, सुधीवास
सुबह-सुबह बिजली काट दी जाती है। पानी और घर का कामकाज सब ठप है। बच्चों का गर्मी में रो-रोकर बुरा हाल है। - सुमन गाढा, बहल