भिवानी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीता कोहली की अदालत ने भिवानी सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को एक खाते से 5,61,721 रुपये की राशि रोकने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक इस राशि को निकाला, हस्तांतरित या किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। मामले में अगली रिपोर्ट 30 अक्तूबर तक अदालत में प्रस्तुत की जानी है।
अदालत ने यह आदेश बिना अनुमति कर्मचारियों की नियुक्ति और उनका वेतन जारी किए जाने से जुड़े मामले में दिया है। यह मामला श्रीराम बनाम दी घुसकानी कोऑपरेटिव क्रेडिट एंड सर्विस सोसाइटी लिमिटेड से संबंधित है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि इससे पहले प्रतिवादी नंबर एक के एक खाते को कुर्क करने की रिपोर्ट मिली थी। यह खाता भिवानी सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में था। हालांकि खाते में केवल 30,024 रुपये मिले। डिक्री-धारक ने 5,61,721 रुपये की वसूली के लिए निष्पादन याचिका दायर की है। कुर्क खाते में पूरी राशि नहीं मिलने के कारण अदालत ने यह नया आदेश जारी किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बैंक की संबंधित शाखा के प्रबंधक और अधिकृत अधिकारी को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। बैंक को सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित खाते से निर्धारित राशि की निकासी या हस्तांतरण न हो। यह रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। अदालत ने आदेश की प्रति संबंधित बैंक को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।