तोशाम-सागवान मार्ग के बाईपास पर हुए सड़क हादसे ने दीपावली के दिन दो परिवारों की खुशियां छीन ली। दो कारों के टकराने से इस हादसे में दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई वहीं दो व्यक्ति घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को हिसार रेफर किया गया है। घायल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे में घायल गांव सरल निवासी नरेश ने पुलिस को बताया कि वह बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे कार में अपनी मां को लेकर अपनी मौसी के पास गांव सागवान आया था। जहां से उन्हें अपने मामा हवासिंह से मिलने गांव ढ़ाणी लक्ष्मण जाना था। नरेश ने बताया कि वह सागवान से मौसी लाड़ो, मां भरपाई व मौसी के पोते भूपेंद्र को लेकर वापस तोशाम की ओर आ रहे थे। रास्ते में बाईपास को पार करते समय तेज गति से आई एक कार ने उन्हें टक्कर दे मारी।
लोगों ने घटना की सूचना के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। घायल नरेश को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई वहीं गंभीर रूप से घायल भुपेंद्र को हिसार रेफर कर दिया गया। घायल नरेश की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी देशराज दहिया ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भाई से नहीं मिल पाई बहनें
ढाणी लक्ष्मण निवासी हवा सिंह बैंगलूरू रहते हैं जो साल में दीपावली के ही दिन गांव आते हैं। भरपाई और लाड़ों दोनों बहनें सालभर बाद आए अपने भाई हवासिंह से मिलने के लिए निकली कि सड़क हादसे ने दोनों की जान ले ली। दोनों बहने भाई से मिलने के लिए काफी उत्सुक थी। लेकिन होनी को यह मंजूर नहीं था। उधर बहनों के इंतजार में बैठे भाई हवासिंह को जब घटना की जानकारी मिली तो उसके दुखों का ठिकाना नहीं रहा। हवासिंह दीपावली के दिन अपनी बहनों को विशेष उपहार देने की तैयारी कर रहा था। जिनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई और हवासिंह के घर भी खुशियां मातम में बदल गई।
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पेड़ टूटकर किसान पर गिरा, मौत
बाढड़ा। गांव कारीमोद में पेड़ के नीचे दबने से युवा किसान की मौके पर ही मौत हो गई। दीपावली के पर्व पर घटी इस दुर्घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
कारीमोद निवासी युवा किसान मुकेश फौगाट दीपावली के दिन अपने खेत स्थित एक पेड़ के नीचे कृषि कार्य के लिए जमीन से खरपतवार उखाड़ रहा था। उसी समय पुराना पेड़ का आधा हिस्सा टूट कर जमीन पर गिर गया और मुकेश पेड़ के नीचे दब गया। खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ के नीचे से मुकेश को निकाला तो वह बुरी तरह घायल था और कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। देर सायं गमगीन माहौल में गांव के पैतृक रामबाग में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बताया जाता है कि मृतक मुकेश फौगाट अपने दो संतानों के इकलौते पालक थे और दो वर्ष पूर्व उनके पिता का भी देहांत हो गया था। घटना के बाद गांव में दीपावली पर्व मात्र रस्मी तौर पर मनाया गया।