भिवानी। श्राद्ध पक्ष की अमावस्या पर अत्यधिक गोग्रास खाने से दो और गायों की मौत हो गई। इससे पहले 15 गायें दम तोड़ चुकी थीं जबकि 37 बीमार गायों का गोशाला में उपचार जारी है और पशु चिकित्सक उनकी सेहत पर नजर रख रहे हैं।
लगातार दूसरे दिन भी गो रक्षकों का विधायक आवास पर धरना जारी रहा। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने बताया कि महम गेट स्थित गोशाला में उपचार के दौरान 12 गायों की मौत हुई जबकि शहर में पांच अन्य गायों की मौत की सूचना मिली थी जिन्हें पहले ही भू-समाधि दी जा चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत के नेतृत्व में नौ विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें 24 घंटे उपचाराधीन गायों की जान बचाने में जुटी हैं।
परमार ने प्रशासन से अपील की कि अमावस्या पर गायों को अत्यधिक भोजन खिलाने से रोकने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाए और जागरूकता अभियान चलाए जाए। इस अवसर पर मोनू राणा, परमवीर, कुकी परमार और शंकर खरबंदा सहित कई गोसेवक मौजूद रहे।
गोशाला में उपचाराधीन गायों की सेहत पर निगरानी
पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि पितृ अमावस्या पर गोभक्त 49 गायों को गोशाला लेकर पहुंचे थे। इनमें से छह गायों की गोशाला पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। शेष 43 गायों में से छह की हालत बेहद नाजुक थी और भरसक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। पशुपालन विभाग की टीमें शेष बीमार गायों के उपचार और उनकी सेहत की निगरानी में जुटी हैं।