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पाइपलाइन खुदाई करते समय दो दबे

Sun, 21 Dec 2014 12:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
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गोपालवास गांव में बन रहे जलघर में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई गहरी खाई की मिट्टी दरकने से दो मजदूर मिट्टी में दब गए। घायल अवस्था में मजदूरों को बहल के स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जिसमें एक मजदूर ने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। दूसरे मजदूर को पहले भिवानी और फिर रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।
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गोेपालवास गांव में पिछले एक साल से जलघर का काम चल रहा है। शनिवार को जलघर के टैंक से चैंबर में पानी ले जाने के लिए पाइप लाइन डालने का काम चल रहा था। टैंक की निचाई ज्यादा होने के कारण जेसीबी से करीब 18 फीट गहरी खाई खोदी गई थी। इसी गहरी खाई में उतरकर मजदूर पाइप डालने का काम कर रहे थे। शनिवार को करीब ढाई बजे खाई में साइड की मिट्टी दरक गई। खाई में काम कर रहे दो मजदूर मिट्टी के नीचे दब गए। मिट्टी गिरने से मजदूर दबे तो आसपास खड़े लोगों ने जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।

जलघर पर काम करने वालों के अलावा गोपालवास गांव के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे तथा मिट्टी को हटाने का काम शुरू किया। कुछ मिट्टी तो लोगों ने हाथों से हटाया तथा बाद में जेसीबी को मिट्टी हटाने में लगाया। मजदूरों को निकालने के बाद लोगों ने दोेनों को गंभीर अवस्था में बहल अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान एक मजदूर की बीच रास्ते में मौत हो गई। मौके पर काम कर रहे सत्यबीर, राजबीर ने बताया कि मृतक शेरसिंह (40) देवराला गांव का रहने वाला था जबकि घायल प्रेमपाल उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। मृतक शेरसिंह की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उसके एक लड़का तथा एक लड़की है।
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ग्रामीणों ने बताई ठेकेदार की लापरवाही
मौके पर उपस्थित ग्रामीण संजय आदि ने बताया कि पाइप डालने की जो कार्रवाई चल रही थी उसमें ठेकेदार की तरफ से सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं था। गहरी खाई में मजदूरों को बिना किसी सेफ्टी के उतार दिया गया था वहीं खाई की चौड़ाई गहराई के अनुरूप नहीं थी। इस कारण जैसे ही मिट्टी गिरी तो मजदूरों को निकालने में काफी वक्त लग गया। ग्रामीणों ने मांग की इस मामले की जांच करवाई जाए तथा पीड़ित मजदूरों को मुआवजा दिलवाया जाए।

सब सेंटर पर लटका मिला ताला
गोपालवास गांव में जलघर और सब सेंटर की एक दीवार है। लेकिन जिस समय घटना हुई उस समय सब सेंटर पर ताला लटका मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि अगर स्वास्थ्यकर्मी मौके पर होते तो घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा सकता था। पर, दिन में तीन बजे हुई इस घटना के समय सब सेंटर पर ताला लटका होना इस बात की ओर संकेत था कि प्रशासन की सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की हाजिरी सुनिश्चित करने का दावा अभी तक फुस्स साबित हुआ है। स्वास्थ्यकर्मी नीरज ने बताया कि वे तो आज छुट्टी पर थी इसलिए उनको घटना की जानकारी नहीं है।
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