10 अप्रैल को लोहानी गांव के निकट जुई नहर में मिले तीन बच्चों के शव मामले में हत्या का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर परिजन सोमवार को सड़क पर उतरे। परिजनाें व कॉलोनी वासियों ने करीब ढाई घंटे मुख्य मार्ग को बंद रखा। बाद में एसएचओ के मधुबन से रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद लोग जाम खोलने को तैयार हुए।
उल्लेखनीय है कि हनुमान ढाणी गली नंबर आठ में रहने वाले तीन बच्चे 16 वर्षीय लड़का तरुण व दो सगे भाई 14 वर्षीय जयप्रकाश व 12 वर्षीय विनोद अक्सर नवरात्रों में देवसर मंदिर जाते थे। आठ अप्रैल को दुर्गा नवमी के दिन तीनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
10 अप्रैल को तीनों बच्चों के शव लोहानी गांव के नजदीक जुई नहर में मिले। पीजीआई में तीनों बच्चों का पोस्टमार्टम हुआ और पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों बच्चों की हत्या की गई है।
पुलिस द्वारा हत्या का मामला दर्ज नहीं करने से खफा परिजन और कॉलोनी वासी सोमवार को सड़क पर उतर आए। सुबह करीब नौ बजे हनुमान गेट पर मुख्य मार्ग को दोनों ओर से बंद कर दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। जाम की सूचना पर जैन चौक चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व कॉलोनी वासियों को समझाने का प्रयास किया मगर वे नहीं।
इसके बाद एसएचओ सिटी संदीप कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि मधुबन से जांच रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में साफ होगा कि हत्या हुई है या क्या हुआ है। एसएचओ के आश्वासन के बाद परिजन व कॉलोनी वासी शांत हुआ और जाम खोलने को तैयार हुए। सुबह करीब साढे़ 11 बजे जाम खोला गया। जाम के दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई। जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
हादसा नहीं, हत्या हुई है हमारे बच्चों की
मृत बच्चों के पिता संजय और अशोक ने कहा कि उनके बच्चों की मौत महज हादसा नहीं बल्कि हत्या की गई है। पुलिस जांच करे तो सब सामने आ सकता है। तीनों बच्चों को तैरना नहीं आता था, ऐसे में वे नजर के पास क्यों जाएंगे। संजय और अशोक ने बताया कि बच्चों की मौत के बाद बच्चों की माताएं व दादरी सदमे में है। बच्चों की मौत के साथ पूरा परिवार बिखर गया है। हम यही चाहते है कि पूरे मामले की जांच हो और हत्या आरोपियों को सजा मिले।
छोटी गलियों में भी लगा जाम
हनुमान गेट पर लगे जाम के बाद अनेक लोगों ने कॉलोनी की छोटी गलियों से आवागमन शुरू कर दिया। मगर पिकअप जैसी गाड़ियां फंसने के कारण इन छोटी गलियों में भी जाम लग गया और राहगीर एक से डेढ़ घंटा जाम में फंसे रहे।