भिवानी। साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक पर दोस्ती कर 2.75 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में आरोपी हर्षित और पुलकित निवासी बराल जिला बुलंदशहर को वीरवार को भिवानी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हर्षित को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जमानत मिल गई जबकि आरोपी पुलकित को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से 90 हजार रुपये हर्षित के खाते में आए थे जिन्हें उसने निकलवाकर पुलकित को दे दिया और पुलकित ने चार हजार रुपये रखकर शेष रकम अन्य आरोपियों तक पहुंचा दी। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने जिला पुलिस को आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।
मामले में मुंढाल खुर्द निवासी जितेंद्र ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दी थी। उसने बताया कि 9 अगस्त को उसके फेसबुक अकाउंट पर एक महिला की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी जिसे उसने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत के दौरान उक्त महिला ने उसे बताया कि उसके पास कुछ रुपये हैं जिन्हें वापस आने पर वह उससे ले सकती है। इसके बाद उसने शिकायतकर्ता से आधार कार्ड मांगा और उसने अपना आधार कार्ड उसे भेज दिया।
कुछ समय बाद शिकायतकर्ता के पास अलग-अलग नंबरों से संदेश आने लगे। उसे बताया गया कि उसने उनके पास रुपये मंगवाए हैं और यदि रुपये वापस नहीं किए तो उसका पासपोर्ट रद्द करवा दिया जाएगा तथा उसे जेल भी हो सकती है। इसके बाद साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता से 2 लाख 55 हजार रुपये अलग-अलग व्हाट्सएप नंबरों पर भेजने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता ने आरोपियों की ओर से बताए गए खातों और स्कैनर पर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 2 लाख 75 हजार रुपये भेज दिए। बाद में उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई बैंक से संबंधित बताते हुए कहा कि उसके खाते से पैसे होल्ड हो गए हैं। इस पर शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। उसने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई।
थाना साइबर क्राइम भिवानी के जांच अधिकारी प्रदीप कुमार ने तीन सितंबर को दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता अभिषेक ने बताया कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने हर्षित को जमानत पर रिहा कर दिया जबकि पुलिस ने पुलकित को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलकित से गहनता से पूछताछ कर साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों, रकम के लेन-देन और घटना में प्रयुक्त अन्य संसाधनों के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।