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Bhiwani News: अध्यक्ष पद के लिए सुंदर अत्री, तरुण राठौड़ व पंकज महता में त्रिकोणीय मुकाबला

Mon, 24 Feb 2025 09:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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कस्बा बवानीखेड़ा। 
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भिवानी। दादू नगरी बवानीखेड़ा के नगर पालिका चुनावों में पहली बार जनता सीधे अपने मत का प्रयोग कर अध्यक्ष चुनने जा रही है। इस कारण चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। नपा बवानीखेड़ा में अध्यक्ष पद के 11 उम्मीदवार चुनावी दंगल में किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव में मुख्य टक्कर भाजपा प्रत्याशी सुंदर अत्री व निर्दलीय उम्मीदवार तरुण राठौड़ और पंकज महता के बीच चल रही है।
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जहां भाजपा प्रत्याशी को पार्टी सिंबल का फायदा होने की संभावना है। वहीं तरुण राठौड़ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विपक्षी पार्टी के वोटों को अपने पक्ष में जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार पंकज महता साइलेंट वोटरों में अच्छी पकड़ बना करमुकाबले को रोचक बनाए हुए हैं। इस कारण अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अध्यक्ष पद की कुर्सी का सिरमौर कौन होगा। ये तो कस्बे के लगभग 16 हजार महिला व पुरुष मतदाता तय करेंगे।
ओएससी वोटर होगा किंगमेकर
नपा चुनाव में अध्यक्ष पद के कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें सामान्य वर्ग से 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। जहां दो ब्राह्मण, चार पंजाबी व एक जाट उम्मीदवार है। इसके अलावा यादव समाज से एक उम्मीदवार मैदान में है। वहीं तीन उम्मीदवार ओएससी व डीएससी समाज से चुनाव लड़ रहे हैं। इस कारण सामान्य वर्ग के वोट सभी उम्मीदवारों में बंटने की पूरी संभावना है। लेकिन ओएससी वोटर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। ये कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की मानें तो ओएससी वोटर इस बार किंगमेकर की भूमिका में होगा। कस्बे के लोगों के अनुसार ओएससी वोटर का साथ जिस उम्मीदवार के पक्ष में होगा, वहीं नपा अध्यक्ष होगा।
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सुंदर अत्री भाजपा प्रत्याशी
- पार्टी चुनाव चिह्न मिलने का फायदा हो सकता है।
- पार्टी के मंत्री व पदाधिकारी चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।
- कस्बे में भाजपा पार्टी का कोर वोट ज्यादा होने से फायदा हो सकता है।
- वर्ष 2013-18 के कार्यकाल में इनकी धर्मपत्नी नपा चेयरपर्सन रह चुकी हैं।
- कस्बे की राजनीति में 16 साल से सक्रिय हैं।
- शिक्षित व राजनीतिक अनुभव से मजबूत हैं।
तरुण राठौड़, निर्दलीय प्रत्याशी
- धार्मिक व समाजसेवी छवि का फायदा मिल सकता है।
- युवा चेहरा होने का फायदा मिल सकता है।
- शिक्षित होने के साथ ही युवा वोटरों पर पकड़ है।
- कस्बे में किए गए धार्मिक कार्यों से पहचान बनी है।
- चुनावी मुकाबले में पहली बार किस्मत आजमा रहे हैं।
- पिछले तीन साल से समाजसेवा में लगे हुए हैं।
पंकज महता, निर्दलीय प्रत्याशी
- कस्बे की नगर पालिका में लंबा राजनीतिक अनुभव।
- परिवार पिछले 36 सालों से राजनीति में सक्रिय।
- माता व पिता भी रह चुके हैं नगर पालिका पार्षद।
- साइलेंट वोटर इनके पक्ष में ज्यादा माना जा रहा है।
- प्रचार करने का इनका अपना अलग तरीका बताया जा रहा है।
- स्वयं के खर्चे पर लोगों के निजी काम करवाने के रूप में पहचान बनी है।
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