भिवानी। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) डॉ. मुनीष नागपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पीएम विश्वकर्मा योजना के निर्बाध और कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करें।
एडीसी वीरवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन बारे समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे रहे थे। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना में सुनार, बुनकर, शस्त्रकार, ताला बनाना, मोची आदि से संबंधित आवेदनों की समीक्षा की।
बैठक में डीडीपीओ आशीष मान, औद्योगिक विस्तार अधिकारी संजीव व रवि, सहायक अनु बाला, डोमेन एक्सपर्ट शंकर धूपड़ व ओमप्रकाश, एनएसडीसी से इंदु कुमारी, विकास एवं सुविधा कार्यालय से हीना भाटी मौजूद रहे।
जिले में 3640 आवेदकों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण
योजना के तहत कारीगर को पहले पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर सीएससी सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करवा चुके आवेदकों का फिजिकल वेरिफिकेशन ग्राम और शहर स्तर पर किया जाएगा। जिले में अभी तक 3640 आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 801 आवेदकों के लोन स्वीकृत तथा 691 लाभपात्रों को लोन वितरित किया जा चुके हैं। इसके अलावा 689 आवेदकों को टूल कीट दी जा चुकी है।