अपने गांवों को शौचमुक्त घोषित करने वाली पंचायतों का अब वेरीफिकेशन होगी। प्रथम चरण में इंटर ब्लॉक सिस्टम के तहत एक ब्लॉक की टीम दूसरे ब्लॉक में जाकर गांवों की पड़ताल करेगी। टीम गांव के स्कूलों में शौचालयों की सफाई व्यवस्था की भी जांच करेगी और ग्रामीणों से शौचालयों को अपनाए जाने के बारे में बातचीत करेगी।
पड़ताल के प्रथम चरण इंटर ब्लॉक सिस्टम को अपनाया गया है जिसमें एक ब्लॉक के अधिकारी दूसरे ब्लॉक में जाकर गांवों में जाकर ग्रामीणों से जानकारी लेंगे। अधिकारी ग्रामीणों से यह जानेंगे कि क्या वे वास्तव में शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। खंड तोशाम के खंड समन्वयक संजय कोकचा ने बताया कि तहत आने वाले गांव झांवरी, लक्ष्मणपुरा, ढ़ाणी कतवार, ढाणी मिरान, दुल्हेड़ी, डाडम, खरकड़ी सोहान शामिल हैं। ढाणी सरल की पड़ताल पहले की जा चुकी है।
तोशाम खंड में बवानीखेड़ा से अधिकारियों की टीम जांच करेगी। खंड कैरू में तोशाम से टीम जाएगी। खंड कैरू में गांव जुई बिचली, जुई खुर्द व जुई कलां, खारियावास, खैरपुरा, लालावास, लेघा भानान, मालवास देवसर, मालावास कोहाड़, मनसरबास, पोहकरवास, शिमलीबास व टिटाणी शामिल हैं। कैरू के गांव बाबरवास, चंदावास, ढ़ाब ढ़ाणी, गोलागढ़ व इंदीवाली गांवों में कैरू से टीम जाएगी। खंड में ढाणी मिरान को स्वर्ण जयंती पुरस्कार योजना के तहत जुलाई माह को श्रेष्ठ पुरस्कार के तौर 15 अगस्त को भिवानी में एक लाख रुपये का पुरस्कार मिल चुका है।
एसडीएम देवीलाल सिहाग ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा के आदेशानुसार अधिकारियों की टीम गांवों में जाकर स्वच्छता के बारे में छानबीन करेगी। टीम आंगनबाड़ी केंद्रों की भी पड़ताल करेगी तथा वहां पर बच्चों के भोजन व पेयजल की व्यवस्था जाएंगी। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वेच्छा से अपने-अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करवाना चाहिए और उनका प्रयोग भी करना चाहिए।