हालुवास के 132 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बुधवार को बिजली आपूर्ति ठप रहेगी। कटौती का यह समय न्यूनतम सात घंटे का रहेगा। अगर इस दौरान मेंटनेंस पूरा नहीं हुआ तो 30 घंटे तक बिजली गुल रह सकती है। हालांकि इस दौरान पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर कुछ समय के आपूर्ति देने की भी कोशिश है।
हालुवास उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर में ह्यूमस के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। समस्या के स्थाई समाधान के लिए बुधवार को मेंटनेंस कार्य किया जाएगा। इसके लिए सुबह 10 बजे से आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। एसडीओ मुकेश हुड्डा ने बताया कि न्यूनतम कटौती सात घंटे का रहेगा, लेकिन इस दौरान मेंटनेंस पूरा नहीं हुआ तो फिर आयल के डिहाइड्रेशन के लिए 30 घंटे तक बिजली बंद करनी पड़ेगी। शहर के कुछ इलाकों समेत एक दर्जन गांव कटौती से प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि कटौती के दौरान पेयजल की किल्लत से बचाने के लिए अन्य फीडरों से वैकल्पिक व्यवस्था कर एक से डेढ़ घंटे के लिए आपूर्ति चालू की जाएगी।
पॉवर कट से एक घंटे अंधेरे में रहा भिवानी
पावर कट के चलते सोमवार की रात एक घंटे तक पूरा जिला अंधेरे में रहा। वरिष्ठ अधिकारियों से मिले मैसेज के बाद सभी उपकेंद्रों से एक साथ बत्ती गुल कर दी गई। अचानक हुई कटौती से हैरान उपभोक्ता भटकते रहे। बार-बार बिजली अधिकारियों को फोन कर कटौती का कारण जानने में परेशान रहे।
गर्मी के कारण बिजली उत्पादन इकाई पर अतिरिक्त प्रेशर बढ़ता जा रहा है। इसे मेंटेन करने के लिए पॉवर कट की नौबत आ रही है। 132 केवी कंट्रोल रूम के कर्मचारियों के मुताकिब सोमवार की रात हिसार मुख्यालय से सभी उपकेन्द्रों पर मैसेज कर जीरो आपूर्ति का निर्देश दिया गया, जिसके बाद आपूर्ति बंद कर दी गई। रात करीब 10 बजकर 5 मिनट से 11 बजकर 5 मिनट तक बिजली आपूर्ति बंद रही। अचानक कटौती से अवाक लोग बार-बार घर के बाहर निकलकर यह पुख्ता करने की कोशिश में लगे रहे कि कहीं उनके घर या मुहल्ले के फाल्ट के कारण तो आपूर्ति बंद नहीं है। एक घंटे बाद आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।