भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक सेकेंडरी परीक्षा 2023 में राज्यभर में टॉप टेन में जगह बनाने वाले विद्यार्थियों ने परीक्षा तैयारी के सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि परीक्षा में अधिकतर विद्यार्थी तनाव से घिर जाते हैं, ऐसे में उन्हें जरूरत के अनुसार ध्यान साधना करनी चाहिए और समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसके जरिए परीक्षा में बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं।
आम तौर पर देखा जा रहा है कि परीक्षा के दौरान ही रट्टा लगाकर पाठ्यक्रम की तैयारी की जा रही है, ऐसे विद्यार्थी प्रश्नपत्र देखने के बाद ही भ्रमित हो जाते हैं, जिसकी वजह से उनका परीक्षाफल भी खराब हो जाता है।
रोहतक के बसाना आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा याशी ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सेकेंडरी परीक्षा 2023 में 500 में से 496 अंक प्राप्त कर प्रदेशभर में तृतीय स्थान पाया था। उनका कहना है कि परीक्षा एक ऐसा पड़ाव है जो सालभर पढ़ाई का निचोड़ निकाल देता है। कई बार बेहतर तैयारी करने वाला विद्यार्थी भी तनाव के कारण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता और अंक लाने की होड़ में पिछड़ जाता है। ऐसे विद्यार्थी सबसे पहले अपना तनाव कम करने के लिए खुद को शांत रखें और ध्यान करें। किसी भी तरह की जिझासा पर गुरुजनों से बात कर शंका समाधान भी करवाएं।
पानीपत जिले के आशादीप आदर्श हाईस्कूल की छात्रा तमन्ना ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सेकेंडरी 2023 की परीक्षा में 500 में से 496 अंक हासिल किए थे। उनका कहना है कि परीक्षा से पहले हर किसी को घबराहट होती है लेकिन खुद को संयमित रखना बहुत जरूरी है। परीक्षा के दौरान सबसे पहले प्रश्नपत्र को अच्छी तरह से पढ़ें और उनमें पूछे गए सवाल का सही उत्तर दें। कई बार पूछा कुछ जाता है और हड़बड़ी में हम रट्टा लगाकर की गई तैयारी में जवाब कुछ और दे देते हैं, इससे परीक्षा में मूल्यांकन के दौरान अंक कटने का खतरा रहता है। इसलिए अच्छी तैयारी के साथ ही परीक्षा में प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों को ध्यान से पढ़ने के बाद ही उनका उत्तर दें।
पलवल जिले के शांति पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा रिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 2023 की दसवीं कक्षा में 500 में से 496 अंक हासिल किए थे। रिया ने बताया कि बोर्ड परीक्षा से पहले मन में काफी उधेड़बुन चल रही थी, लेकिन गुरुजनों के उचित मार्गदर्शन और बेहतर ढंग से की गई तैयारी ने सफलता दिलाई। उनका मानना है कि तैयारी तो हर कोई करता है, लेकिन गुरुजनों का उचित मार्गदर्शन लेकर पाठ्यक्रम के हिसाब से तैयारी करें तो बेहतर परिणाम रहेगा। विषय संबंधी कमियां दूर करने में गुरुजन ही उचित मार्गदर्शन कर सकते हैं। रट्टा कभी नहीं लगाना, क्योंकि जब परीक्षा देने जाएंगे तो वहां सवाल उसके उलट होंगे। यह देखकर रट्टा लगाने वाला विद्यार्थी जरूर घबरा जाएगा।