भिवानी। भिवानी जिले के गांव कितलाना में किसान शेर सिंह के तीन बेटों ने मंगलवार को बैल का काज कर अपने पिता को दिया वचन निभा दिया। बैल के काज में शिरकत करने आए ग्रामीणों ने गोवंश के प्रति इस परिवार की श्रद्धा की सराहना की।
भिवानी गो रक्षा दल जिला अध्यक्ष संजय परमार ने भी इस काज की सराहना करते हुए कहा कि गोवंश के प्रति प्रत्येक व्यक्ति इसी तरह अपना दायित्व निभाए तो देश में गोमाता लावारिस नहीं होगी। दरअसल, किसान शेर सिंह के बेटों ने बैल के निधन पर उसकी गाजे बाजे से अंतिम यात्रा निकाली थी और अपने ही खेत में उसे हिंदू रीति रिवाज से दफना दिया था। इसके बाद सोमवार को भजन कीर्तन हुआ और मंगलवार सुबह उसका काज किया। इसमें पूरे गांव और आसपास के मौजिज लोगों ने शिरकत की।
किसान शेर सिंह के बेटे बलवान ने बताया कि उनके पिता द्वारा लावारिस बछड़े का पालन पोषण कर उसे बैल बनाकर 12 साल तक खेत में कमाया। इसकी बदौलत पूरा परिवार आज खुशहाल है। इस बैल का इस परिवार पर हमेशा कर्ज रहेगा। उसके पिता शेर सिंह ने मरते समय अपने तीन बेटों से वचन लिया था कि वे इसे लावारिस नहीं छोड़ेंगे। इसी वचन को पूरा किया और उसकी मौत पर काज किया गया। कितलाना के 95 वर्षीय किसान शेर सिंह का 2008 का निधन हो गया था। जबकि उसके बुढ़े बैल ने 27 साल तीन माह की उम्र पूरी करते हुए एक फरवरी को प्राण त्याग दिए थे। किसान के तीन बेटों ने मंगलवार को उसी की याद में मृत्यु भोज का आयोजन किया। गो रक्षा दल जिला अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि किसान शेर सिंह के बेटों ने गो वंश के प्रति जो श्रद्धा और आस्था दिखाई है ये हर हिंदुस्तानी के दिल में होनी चाहिए, तभी हम सड़कों से लावारिस गोवंश मुक्त कर सकते हैं।