बवानीखेड़ा। आमने-सामने घर होने के बावजूद रिश्तों की खटास इतनी बढ़ चुकी थी कि छह माह से बोलचाल तक बंद थी। किसी को तनिक भी आभास नहीं था कि आपसी बातचीत बंद की ये खामोशी अचानक चीख पुकार में बदल जाएगी। तीन माह पहले ताऊ के लड़के बजरंग ने अनिल यादव को उसका वंश मिटा देने की धमकी दी थी। हुआ भी कुछ ऐसा ही जब बजरंग के बेटे मोनू उर्फ हरिओम (24) ने अनिल के इकलौते बेटे को साजिश के तहत मौत के घाट उतार डाला और हत्या के राज अपने ही खेत में खड़ी सरसों के बीच पानी के नाले को खोदकर उसके अंदर दफन कर डाले।
इकलौता बेटा गायब होने के बाद अनिल का परिवार हरिओम की मिन्नतें करता रहा कि ऋषभ के बारे में बता दें, मगर हरिओम टस से मस नहीं हुआ। ऋषभ (14) के बारे में बताने से पहले भी उसने पुलिस को खूब घुमाया। आखिर जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो सच्चाई सामने आई।
गांव जमालपुर निवासी ऋषभ बुधवार शाम चार बजे से लापता हुआ था। पिता अनिल यादव ने अपने इकलौते बेटे के अचानक लापता होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी। पिता अनिल ने बताया कि उसका बेटा ऋषभ नौवीं कक्षा में पढ़ता है। बुधवार शाम चार बजे ऋषभ घर से बाजार में सब्जी और फ्रूट लेने निकला था, फिर नहीं लौटा। सीसीटीवी में घर के सामने रहने वाले पारिवारिक रिश्ते में चचेरा भाई लगने वाले युवक मोनू उर्फ हरिओम ने ऋषभ को बाजार से अपनी बाइक पर बैठाया था। संवाद
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पहले ही रच ली थी साजिश, हत्या से पहले खुद अपने ही खेत में खोदी थी कब्र
गांव जमालपुर निवासी मोनू उर्फ हरिओम कोचिंग सेंटर तोशाम में सहायक के तौर पर काम करता है। रिश्ते में ऋषभ का चचेरा भाई लगता है। उसने भाई को मौत के घाट उतारने से पहले ही साजिश रच डाली थी। इसी को लेकर अपने सरसों के खेत के बीच में पानी लगाने वाली नाली में पहले गड्ढा खोदकर कब्र तैयार कर दी थी। फिर साजिश के तहत बच्चे को यहां तक लाया और उसकी प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी और तीन से चार फुट खोदे गए गड्ढे में उसे दफना डाला। बच्चे को जहां दफनाया गया करीब आधा किलोमीटर दूर ही आरोपी व लड़के के पिता का आमने-सामने घर है।
ऐसे हुआ आरोपी पर पुलिस को शक
ऋषभ के पिता अनिल यादव गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। जब बच्चे को पुलिस ढूंढ रही थी तो उसी समय आरोपी भी उनके साथ बच्चे को तलाशने का नाटक कर रहा था। इसी दौरान उसने एक व्यक्ति के पास फोन करके कहा कि पुलिस को उस तरफ मत लेकर जाओ, वहां नहीं आया है। इस पर पुलिस का शक बढ़ गया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में भी बच्चा उसके साथ होने का खुलासा हो गया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी से पुलिस के सामने हत्या का राज उगल दिया। उसने बच्चे का अपने ही खेत में पहले प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर मार डाल फिर उसे पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया। हत्या के आरोपी दो भाई-बहन हैं।
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जमीन से शव बाहर निकालने को लेकर हुई देरी तो ग्रामीणों ने दी जाम की चेतावनी
आरोपी के सरसों के खेत से बच्चे का शव दफनाने का वीरवार सुबह सात बजे पता चल गया था। लेकिन 12 बजे तक ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों का सब्र भी जवाब दे गया। ग्रामीणों ने जाम लगाने की चेतावनी दी। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बच्चे का शव आरोपी के खेत से निशानदेही की गई जगह से पुलिस ने बाहर निकाला। ऋषभ को आरोपी ने घर से जमालपुर बलियाली रोड पर 500 मीटर दूर ही खेत में दफना दिया था।
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विरोध में बंद रहा बाजार
बच्चे की हत्या के विरोध और आक्रोश में जमालपुर गांव का बाजार भी बंद रहा। हर कोई इस घटना से दुखी और गुस्से में दिखा। नागरिक अस्पताल में शव का वीरवार को पोस्टमार्टम हुआ। बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।
मृतक ऋषभ के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पिता की शिकायत पर हत्या आरोपी हरिओम, उसके भाई आनंद, पिता बजरंग, चाचा विजय व मां सुमन के खिलाफ हत्या और शव खुर्द बुर्द करने की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। हत्या आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
-संजय कुमार, एसएचओ, बवानीखेड़ा पुलिस थाना।