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Bhiwani News: जहरीला पदार्थ निगलने वाले पटवारी की पत्नी की शिकायत पर नायब तहसीलदार और पूर्व पार्षद पर केस दर्ज

Thu, 22 Feb 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा तहसील में नहीं हुआ काम
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बवानीखेड़ा (भिवानी)। मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किए पटवारी द्वारा जहरीला पदार्थ निगलकर खुदकुशी किए जाने के मामले में बवानीखेड़ा पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला है। इसके बाद पुलिस ने भिवानी के नायब तहसीलदार और पूर्व पार्षद के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। मृतक की पत्नी की शिकायत पर बवानीखेड़ा पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं वीरवार को बवानीखेड़ा पुलिस ने शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया। विरोध में आक्रोशित पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने प्रदेशभर की तहसील कार्यालयों में कामकाज बंद रखा।
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गांव रासीवास, चरखी दादरी हाल में भिवानी के पुराना भारत नगर कॉलोनी निवासी मोनिका ने बवानीखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बच्चे हैं। उसके पति ललित कुमार राजस्व विभाग में पटवारी थे और फिलहाल बवानीखेड़ा तहसील में तैनात थे। पति कई दिनों से मानसिक परेशान चल रहे थे। उन्होंने उसे बताया था कि भिवानी का नायब तहसीलदार आलमगीर व पूर्व पार्षद हरिओम ने दबाव देकर उससे जमीन के संबंध में गलत कार्य कराया है। शिकायत में बताया कि 20 फरवरी की रात सवा नौ बजे ललित के पास नायब तहसीलदार की व्हाट्सएप कॉल आई थी। उसके बाद उसके पति काफी परेशान थे। उनके पति ललित ने उसे बताया था कि नायब तहसीलदार उसे अच्छे से नौकरी नहीं करने दे रहा है और जमीन के गलत काम करने का दबाव बनाता है।
बुधवार को उसके पति ललित बवानीखेड़ा तहसील में ड्यूटी पर गए थे। उसे सूचना मिली कि ललित ने जहरीला पदार्थ निगल लिया है। इसके बाद तहसील कार्यालय के कर्मचारी उन्हें भिवानी के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे पीजीआई ले जाया गया। जहां उसके पति की मौत हो गई। वहीं पुलिस को मृतक के पास से तीन पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने नायब तहसीलदार आलमगीर और पूर्व पार्षद हरिओम पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात लिखी है और दबाव देकर जमीन से जुड़ा गलत काम कराकर उसे बिना किसी दोष के फंसाया है।
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यह लिखा है सुसाइड नोट में
मैं ललित कुमार आज इतना परेशान हो गया हूं कि मैंने जीने की चाहत छोड़ दी है। मेरे घरवालों से माफी मांगता हूं कि मैं सबको इस परेशानी भरी जिंदगी में अकेला छोड़कर जा रहा हूं। मैं अपने भाई सुनील से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि भाई गोलु (जतिन) का ख्याल रखना। भाई ये भी तेरा लड़का समझकर इतना कर देना कि इसको पैरों पर खड़ा कर देना। भाई इसकी परवरिश अच्छे से करना व इसको कोई छोटी-मोटी नौकरी दिलवा देना। मैं घरवालों को बताना चाहता हूं कि मैंने जो प्लाॅट डाबर कॉलोनी में ले रखा था वह 17250 रुपये प्रति गज के हिसाब से लेकर 20650 में बेच दिया। उस प्लाॅट के हम तीन हिस्सेदार हैं। मैंने प्लाॅट की सारी पेमेंट मेरे हिस्से की कर रखी है व प्लाॅट का इकरारनामा मंदीप (डेयरीवाला वासी मिल्कपुर) डाबर कॉलोनी के पास है। भाई मंदीप हिसाब किताब में कोई धोखा न करिए, मैं तो जा रहा हूं मेरे घर परिवार रूल मिट जागा। आठ लाख रुपये मैं मंदीप से प्राप्त कर चुका हूं। एक बात मैं सबको बताना चाहता हूं कि मेरी मौत का जिम्मेदार हरिओम भूतपूर्व एमसी नजदीक ग्वार फैक्टरी भिवानी है और इसके साथ-साथ नायब तहसीलदार भिवानी आलमगीर भी इसका कसूरवार है। जिसने मुझसे गलत रिकॉर्ड के अनुसार कार्य करवाया (दबाव)। यह गलत कार्य उसने मुझसे अपनी कोठी पर बुलाकर करवाया। इसके लिए आप हरिओम की सास से भी पता कर लेना कि यह कार्य के लिए वह नायब की कोठी पर आई थी। वह नायब ने बहलाकर उसके अंगूठे लगवाकर यह काम किया। मेरी मौत के जिम्मेदार हरिओम व नायब तहसीलदार दो व्यक्ति हैं.....। सुसाइड नोट में परिवार को घर वालों के लिए आखिरी पैगाम लिख परिजनों से भी आत्महत्या के लिए माफी मांगी है।
मृतक पटवारी ललित के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक की पत्नी मोनिका की शिकायत पर आरोपी पूर्व पार्षद हरिओम व नायब तहसीलदार भिवानी आलमगीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। सुसाइड नोट भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
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-संजय कुमार, एसएचओ, बवानीखेड़ा पुलिस थाना।
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