भिवानी। दिनदहाड़े शहर के पतराम गेट स्थित डाकघर शाखा के बाहर डाक सहायक के साथ पिस्टल के बल पर लूट का प्रयास मामले में सीआईए द्वारा पकड़े गए तीनों आरोपियों को रविवार को जेल भेज दिया। आरोपियों से पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई एक देशी पिस्तौल और एक कारतूस बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अनिल छह माह पहले ही यूपी से देशी पिस्तौल खरीदकर लाया था। आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई बाइक पहले ही बरामद हो चुकी है।
सीआईए द्वितीय के सब इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि गत 18 फरवरी की सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर पतराम गेट क्षेत्र स्थित डाकघर शाखा के डाक सहायक से पिस्टल पॉइंट पर बैग छीनने का प्रयास किया था। इस मामले में सीआईए की टीम ने तीन आरोपियों गिरफ्तार किया था। जिनकी पहचान अनिल उर्फ मिंटू निवासी राजगढ़ जिला भिवानी, अंकित निवासी राजगढ़ जिला भिवानी व कर्मबीर उर्फ सौरभ निवासी सैनीपुरा मोहल्ला जिला महेंद्रगढ़ के रूप में हुई थी। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई बाइक भी बरामद कर ली थी। तीनों आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जिला कारागार भेजने के आदेश हुए हैं। फिलहाल तीनों के खिलाफ पुलिस में कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं है।
जल्दी अमीर बनने के चक्कर में बन बैठे अपराधी
पुलिस पूछताछ के दौरान डाक विभाग में ही ग्रामीण डाक सेवक के रूप में तैनात कर्मबीर ने बताया था कि उसे हर माह 13 हजार रुपये मेहनताना मिलता था और वह कच्चा कर्मचारी था। उसे कम समय में जल्दी अमीर बनना था, इसीलिए उसने अपने ममेरे भाई अनिल और उसके दोस्त अंकित के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।