भिवानी। लोकसभा चुनावों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, ऐसे में भिवानी शहर का बाजार भी चुनावी चर्चाओं से गूंज रहा है। जनसंवाद कार्यक्रम के तहत व्यापारी वर्ग से चुनावी मुद्दों को लेकर बातचीत की गई। इस पर व्यापारियों ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा जीएसटी सरलीकरण है। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक दलाें ने चुप्पी साध ली है और चुनावी एजेंडे से भी यह मांग गायब है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे अधिक टैक्स का भुगतान व्यापारी वर्ग की करता है, मगर जब उनकी मांग और मुद्दों की बात आती है तो हर कोई उन्हें लॉलीपॉप देने की कोशिश करता है। लेकिन इस बार व्यापारी वर्ग कुछ खास मूड़ में हैं। चुनावी चर्चा में सभी व्यापारियों ने अलग-अलग पार्टी के प्रत्याशियों के बारे में अपनी-अपनी राय रखी।
शहर के नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से चुनावी मुद्दे पर चर्चा की गई। नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानुप्रकाश शर्मा ने बताया कि चुनाव में व्यापारियों से उनकी समस्याओं को लेकर वादे तो सभी दल करते हैं। परंतु उनकी समस्याओं का समाधान कोई भी दल नहीं करता है। ऐसे में इस बार व्यापारी वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि हम हर साल करोंड़ों रुपये का टैक्स जीएसटी के जरिए सरकार को दे रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। हर रोज व्यापारियों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सरकार उन्हें कोई सुरक्षा मुहैया नहीं करवा रहीं है। व्यापारी वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों से मांग कर रहे है कि हमें इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति चाहिए। दूसरी तरफ ऑनलाइन बढ़ती ई कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगनी चाहिए। जिसके कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। टैक्स देने के बदले उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी चाहिए।
चुनाव में व्यापारियों से वादे तो सभी प्रत्याशी करते हैं। लेकिन चुनाव में जितने के बाद कोई भी नेता व्यापारियों की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं देता है। जीएसटी के जरिए लाखों का रुपये का टैक्स लिया जा रहा है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा है। इस बार चुनाव में व्यापारी उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जो उनकी हर समस्या का समाधान करेगा।
- भानू प्रकाश शर्मा, प्रधान नगर व्यापार मंडल भिवानी।
पिछले कुछ समय से बाजारों में चोरियों की घटना बढ़ रही हैं। चोरों द्वारा व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं की अनदेखी के कारण हर साल चोरों द्वारा व्यापारियों की जेबों पर डाका डाला जा रहा है। इस बार व्यापारी उसी प्रत्याशी को वोट देंगे, जो उन्हें चोरों से मुक्ति दिलाए।
- प्रदीप सोनी, व्यापारी।
बाजारों में व्यापारियों को सरेआम जान से मारने धमकियां दी जा रही हैं। पिछले कुछ महिनों में बदमाशों के हौंसले बुलंद हो रखे हैं। सरेआम व्यापारियों के सामने बंदूक तान देते हैं। व्यापारी सरकार को लाखों रुपये का टैक्स हर साल देते हैं। लेकिन उसके बदले व्यापारियों को सुरक्षा तक मुहैया नहीं है। इस बार व्यापारी उसी प्रत्याशी को वोट देंगे, जो उन्हें सुरक्षा की गारंटी देगा।
- राकेश गौड़, व्यापारी।
चुनाव में व्यापारियों से उनकी समस्याओं को लेकर वादे तो सभी दल करते हैं। परंतु उनकी समस्याओं का समाधान कोई भी दल नहीं करता है। हमारी वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों से मुख्य मांग है कि हमें इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति चाहिए। ऑनलाइन बढ़ती ई कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगनी चाहिए। जो प्रत्याशी हमारी मांगों को पूरा करने की गारंटी देगा, हम चुनाव में उसे ही वोट देंगे।
- हंसराज चानना, व्यापारी।
हर चुनाव में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वादे तो सभी पार्टियों के प्रत्याशी करते हैं। लेकिन हकीकत में व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। व्यापारी हर वर्ष लाखों का टैक्स भी भरते हैं। उसके बावजूद भी हमारी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती है। इस बार चुनाव में व्यापारी उसी प्रत्याशी को वोट करेंगे जो प्रत्याशी खुलकर व्यापारियों की मांगों का समर्थन करेगा।
- अभिषेक बंसल, प्रधान, कॉस्मेटिक एसोसिएशन भिवानी।