भिवानी। घरों में अखबार डालकर परिवार की जरूरतों को पूरा करने वाला सैनिक सचिन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मन में बड़ा खिलाड़ी बनने का सपना लिए सचिन खेल की दुनिया में उतरने ही वाला था कि उसके पिता का निधन हो जाता है और युवा कंधे पर परिवार का बोझ आ जाता है। इसके बावजूद सचिन परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेकता। अखबार बेचकर परिवार जरूरतों को पूरा करते हुए अजीत क्लब के दर पर पहुंचता है। क्लब संचालक को जब सचिन की पूरी कहानी का पता चलता है तो संचालक उसे बगैर शुल्क लिए बाक्सिंग का गुर सिखाते हैं। आज बॉक्सर सचिन अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के बल पर सेना में है तो इसमें अजीत बॉक्सिंग क्लब का भी योगदान है। वैसे सचिन एक मात्र उदाहरण नहीं हैं जिनको क्लब की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण दिया गया। यहां कई जरूरतमंद खिलाड़ी मुफ्त प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। शहर के विद्यानगर में 2015 में शुरू हुए अजीत बाक्सिंग क्लब में करीब 400 खिलाड़ी बाक्सिंग के दांव-पेच सीख चुके हैं। इसमें से अब तक 90 खिलाड़ी अलग-अलग क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अकादमी के कोच नवीन बल्हारा (फ्रूटी) ने बताया कि अकादमी में फिलहाल 250 खिलाड़ी हैं। इनमें से 50 लड़कियां हैं। कोच ने बताया कि अकादमी में राष्ट्रीय, अतंरराष्ट्रीय, ओलंपिक, प्रोफेशनल स्तर के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। अकादमी में युपी, बिहार, असम, तमिलनाडू, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों के खिलाड़ी बाक्सिंग खेल का अभ्यास करते हैं। अकादमी में दो बाक्सिंग रिंग है, जिसमें एक रिंग ओलंपिक स्तर का है। कोच ने बताया कि नौ साल में अकादमी आठ बार बाक्सिंग में हरियाणा चैंपियन रह चुकी है। यहां खिलाड़ियों को बहुप्रतीक्षित कोचों की देखरेख में अभ्यास करवाया जाता है।
2015 से लेकर 2024 तक खिलाड़ियाें की उपलब्धियां
- यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आदित्य मान ने भाग लिया।
- जॉर्डन में हुई जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 63 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया।
- 2021 में तुर्की में बोसफोर्स महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 69 किलोग्राम भारवर्ग में ज्योति ग्रेवाल ने भाग लिया। 2018 में इनविटेशन कप में स्वर्ण में पदक प्राप्त किया ।
-2019 में हंगरी में 69 वीं अंतर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अमनदीप ने भाग लिया।
- 2019 में कुवैत में नक्ष बेनीवाल ने सब जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त किया।
- 2022 गुजरात में हुए 36 वें नेशनल गेम्स में नवीन ने 92 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर, मोहित बेनीवाल ने 92 से अधिक किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर व अविनाश ने 92 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किए ।
- 2022 कर्नाटक में सब जूनियर गर्ल्स नेशनल बॉक्सिंग में जोनी ने 42 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया ।
- 2022 में सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कार्तिक ने 86 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया और बेस्ट बाॅक्सर रहा ।
- जूनियर नेशनल गेम्स में लक्ष्मी ने 45 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण, आरजू ने 63 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर पदक प्राप्त किया है।
- 2023 उज्बेकिस्तान में हुई वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में नवीन झांझरियां ने 92 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया था।
-2023 बोसानिया में हुई अंतर राष्ट्रीय मेमोरियल टूर्नामेंट में नवीन ने 95 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था।
-2024 इटली में हुए ओलंपिक क्वालीफायर प्रतियोगिता में लक्ष्य चाहर ने भाग लिया था।
- 2024 कजाकिस्तान में हुई यूथ एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप लक्ष्मी 50 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया था।
- 2024 मोंटेनेग्रो में आयोजित हुई यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आरजू ने 63 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया था।
- अकादमी में 25 अंतर राष्ट्रीय स्तर के और 70 के नेशनल स्तर के खिलाड़ी हैं।
प्रोफेशनल बॉक्सिंग खेल के खिलाड़ियों की उपलब्धियां
धमेंद्र ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में 10 मैच जीते है जो जापान, थाइलैंड व अलग अलग देशों में हुए थे।
कार्तिक ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में 8 मैच जीते है, कार्तिक ने इंग्लैंड के बॉक्सर को उसी के देश में हराया ।
आशीष ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में 4 मैच जीते है और थाइलैंड में हेवी बैल्ट विजेता रहा ।
मेरे पिता इस दुनिया में नहीं है। माता घर खर्च चलाती थी और मैं हर रोज सुबह अखबार डालने के बाद खेल का अभ्यास करता है। अकादमी में आने के बाद मुझे खेल की बारीकियों का ज्ञान हुआ और बाद में मेरा इंडियन आर्मी में चयन हुआ।
-सचिन खिलाड़ी
मेरे पापा हॉकी खेलते थे। बुआ भी हॉकी खिलाड़ी थी। हम चारों भाई-बहन भी खिलाड़ी हैं। अंतर राष्ट्रीयस्तर तक वह खेल चुकी हूं । मेरा लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है।
- लक्ष्मी खिलाड़ी
अकादमी जब से शुरू हुई, तभी से अकादमी के खिलाड़ी देश-विदेश में अपना परचम लहरा है। अकादमी में सभी खिलाड़ियों के लिए सारी सुविधाएं हैं। खिलाड़ियों को बहु प्रशिक्षित कोचों की देखरेख में अभ्यास करवाया जाता है। अकादमी में समय- समय पर खिलाड़ियाें के लिए बॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाता है। प्रतियोगिता के लिए कोई एंट्री फीस नहीं होती है।
- सुरेंद्र सिवाच, प्रधान अजीत बॉक्सिंग क्लब भिवानी
अकादमी का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाना है। अकादमी में गरीब बच्चों, लड़कियों को निशुल्क अभ्यास करवाया जाता हैं। वहीं अकादमी में जो खिलाड़ी नेशनल स्तर पर पदक जीतकर लाता है, उसे भी निशुल्क अभ्यास करवाया जाता हैं। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए छात्रावास की भी सुविधा है। खिलाड़ियों के लिए बॉक्सिंग खेल के सभी उपकरण मौजूद हैं।
नवीन बल्हारा, कोच, अजीत बॉक्सिंग क्लब भिवानी