भिवानी। भिवानी नगर परिषद में निवर्तमान चेयरमैन और तत्कालीन नप सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी खजाने से करीब दो करोड़ की राशि के गबन के आरोपों के बाद नए घोटाले की आशंका है। एक पूर्व पार्षद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी, जिसकी जांच अभी शुरू भी नहीं हुई कि निवर्तमान चेयरमैन ने भी इस फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा किया।
नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व नगर आयुक्त को शिकायत देकर तीन चेकों पर उनके व तत्कालीन नप सचिव राजेश महता के फर्जी हस्ताक्षर होने के बावजूद संबंधित फर्मों को भुगतान का आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि करीब दो करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इसकी विस्तृत जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराए जाने की भी मांग की है। अचरज इस बात का भी है कि जिन फर्मों को नप के सरकारी खजाने से लाखों का भुगतान दर्शाया गया है, उन फर्मों ने कोई काम ही नहीं किया है। इसके बाद नगर परिषद में बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।
नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव ने अपनी शिकायत में बताया कि 5 मार्च 2022 को तत्कालीन नप सचिव राजेश महता ने उनके पास एक व्हाट्सएप भेजा, जिस पर 2019 के चेक की कुछ छाया प्रतियां भेजी गई थीं। नप सचिव ने उनसे पूछा था कि इन चेकों पर उनके हस्ताक्षर हैं क्या। इसके जवाब में रणसिंह यादव ने इन चेकों पर अपने हस्ताक्षर नहीं होने की बात कही और जो हस्ताक्षर उनके नाम की जगह किए हुए हैं, उन्हें फर्जी बताया। रणसिंह यादव ने यह भी बताया कि जिन फर्मों को इन चेकों से राशि का भुगतान दर्शाया गया है, उन फार्मों का उनके कार्यालय से कोई काम नहीं किया है। चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर हुए हैं और बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी हस्ताक्षर होने के बावजूद इसकी अदायगी भी फर्मों को कराई गई है। जिससे सरकारी पैसे का गबन है।
इन फर्मों को हुआ फर्जी हस्ताक्षर से भुगतान
फर्म का नाम भुगतान तिथि राशि
श्रीराम प्रोडक्टस 1 अक्तूबर 2019 2098300
श्रीगगन एग्रो 9 अक्तूबर 2019 3398300
क्वालिटी इंटरप्राइजेज 9 अक्तूबर 2019 3346400
(तीन चेकों में 88 लाख 43 हजार रुपये का घोटाला है, लेकिन निवर्तमान चेयरमैन ने आशंका जताई है कि करीब दो करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।)
6 से 7 फर्जी चेकों से दो करोड़ तक फर्जी भुगतान की आशंका
नप में सरकारी राशि के गबन को लेकर अगर प्रशासन की जांच हुई तो इससे परत दर परत कई बड़े खुलासे होंगे और फर्जी हस्ताक्षरों से भुगतान के करीब दो करोड़ रुपयों का घोटाला भी सामने आएगा। ऐसे चेकों की संख्या छह से सात बताई जा रही है। फिलहाल तीन फर्जी चेक ही उजागर हुए हैं। इस फर्जीवाड़े में नगर परिषद अकाउंट ब्रांच के कर्मचारियों के साथ बैंक अधिकारियों व एक पूर्व पार्षद की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है। अगर जांच हुई तो फर्जीवाड़े में शामिल कर्मचारियों के गिरेबान तक भी जांच अधिकारियों के हाथ पहुंच जाएंगे।
भूमि रिकॉर्ड घोटाले के बाद करोड़ों के गबन का मामला बना चर्चा
नगर परिषद काफी दिनों से घोटालों की वजह से चर्चा में रही है। पहले नगर परिषद की सरकारी भूमि का घोटाला उजागर हुआ। जिस पर एफआईआर तक दर्ज हुई और जांच भी चल रही है। इसी बीच अब करोड़ों रुपयों की सरकारी राशि के गबन का मामला चर्चा का विषय बना है। हाल ही में नप चुनाव भी प्रस्तावित हैं, जिन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
मैंने नहीं किए हस्ताक्षर
तत्कालीन नप सचिव राजेश महता से व्हाट्सएप के माध्यम से मुझे तीन चेक भेजे गए, जिन पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। मेरे और सचिव के झूठे हस्ताक्षर कर बैंक द्वारा अदायगी की गई है। इस बारे में मैंने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को अवगत करा दिया। एसपी ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
- रणसिंह यादव, निवर्तमान चेयरमैन, नगर परिषद भिवानी।
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद- फोटो : Bhiwani