भिवानी। शहर में सफाई और कचरा निस्तारण कार्य की कंपनी में काम करने वाली पीड़ित महिला का बुधवार को पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए। पीड़ित महिला ने बयान में भिवानी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुशील वर्मा और कंपनी के कर्मी हर्ष पर सामूहिक रूप से दुष्कर्म किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल पीड़ित महिला ने पहले पुलिस को छेड़छाड़ व जातिसूचक शब्द कहे जाने की शिकायत दी थी।
इस पर सुशील और हर्ष के खिलाफ छेड़छाड़ की संबंधित धारा और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के दो दिन बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़ित महिला ने बयान दिया तो सुशील और हर्ष गंभीर आरोपों से घिर गए। महिला ने आरोप लगाया कि कंपनी कार्यालय में काम करने से पहले वह सुशील के एक किराये के मकान में खाना बनाने का काम करती थी। जहां पर वह रोजाना जाती थी। महिला का आरोप है कि सुशील ने उसके साथ वहां नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और उसके फोटो खिंची। इसके बाद वह उसके साथ दुष्कर्म करता और महावारी के दौरान भी उसके साथ कुकर्म किया गया।
महिला का यह भी आरोप है कि हर्ष ने सुशील के साथ उसके आपत्तिजनक फोटो खिंची और वीडियो बनाई। इसके आधार पर उसे ब्लैकमेल कर हर्ष ने भी उसके साथ कंपनी के कार्यालय में दुष्कर्म किया। पीड़ित महिला ने बताया कि पहले वह लोकलाज की वजह से ये बातें पुलिस के समक्ष नहीं बता पाई थी। लेकिन आरोपी पक्ष उस पर लगातार शिकायत वापस लेने का नाजायज दबाव बनाता रहा। जिसकी वजह से उसका पूरा परिवार भय और भारी तनाव में है। उधर मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुख्यालय आर्यन चौधरी का कहना है कि पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है। अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उधर, सुशील वर्मा ने भी अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में याचिका लगाई है।
मैं इस झूठे केस का समाज में उदाहरण पेश करुंगा। चाहे मुझे किसी भी लीगल प्रक्रिया का सामना करना पड़े या किसी भी स्तर पर जाकर लड़ाई लड़नी पड़े। पीछे नहीं हटूंगा। सच्चाई सामने आएगी तो इस तरह के झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं को भी सौ बार सोचना पड़ेगा।
- सुशील वर्मा, संयोजक भिवानी बचाओ आंदोलन।