अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। महाराष्ट्र के पुलगांव स्थित केंद्रीय आयुध भंडार में लगी आग में जिले के दो जवान शहीद हो गए हैं। इन जवानों ने अपनी जान देकर आयुध भंडार में लगी आग तो बुझा दी लेकिन परिजनों और सगे, संबंधियों को गम की आग में झुलसता छोड़ गए।
मैहड़ा गांव के कुलदीप की शादी महज डेढ़ माह पहले हुई थी। दगडौली के अरविंद ने बीते अप्रैल माह में अपनी शादी की पहली सालगिरह मनाई थी। दोनों जवानों की शहादत की खबर वीरवार शाम यहां पहुंची तो इलाके में मातम पसर गया। अनहोनी के साये में दोनों परिवार यूं तो दो दिन से थे, जब सेना ने संदेश देकर दोनों के परिजनों को मुंबई बुलाया तो परिजन चिंतित हो गए। बुधवार शाम सेना ने डीएनए सैंपल लेकर जांच की। हालांकि, रिपोर्ट आने में दो-तीन दिन और लग सकते हैं। लेकिन, सेना की तरफ से आधिकारिक तौर पर शहादत की पुष्टि कर दी गई है। दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर रविवार या सोमवार को पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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शादी की पहली सालगिरह ही मना सके अरविंद
अरविंद की शादी पिलानी (राजस्थान) निवासी पंकज के साथ हुई थी। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था कि नवदंपति अपनी शादी की पहली सालगिरह मना सके। बीते अप्रैल महीने में शादी को एक साल हुआ था। शहादत की खबर के बाद अरविंद की पत्नी को मायके से गांव लाया गया। गांव के नंबरदार व पूर्व सरपंच भानाराम ने बताया कि अरविंद की पत्नी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। अरविंद के पिता उम्मेद पेशे से राज मिस्त्री हैं और उनके बड़े भाई ललित मजदूरी करते हैं। इन दिनों गांव में छुट्टी आए और वर्धा में अरविंद के साथ ड्यूटी करने वाले कुलदीप बताते हैं कि अरविंद अपने काम में परफेक्ट थे। अपना काम पूरी ईमानदारी से करने की प्रवृत्ति की वजह से वे अपने कार्य क्षेत्र व गांव में जाने जाते रहेंगे।
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17 अप्रैल को थी कुलदीप की शादी
मैहड़ा गांव के कुलदीप सिंह की शहादत की खबर जिस किसी ने भी सुनी व्रजपात बन गई। कुलदीप गत 17 अप्रैल को परिणय बंधन में बंधे थे। विधि की विडंबना देखिये कि जिन हाथों की मेहंदी नहीं सूखी थी, उसका सुहाग उजड़ गया। गांव-परिवार गम में डूबा है। कोई भी इस खबर पर यकीन करने को तैयार नहीं हैं। कुलदीप के पिता संतलाल जमींदार हैं। संतलाल के दो बड़े बेटे प्रदीप व संदीप भी आर्मी में हैं। कुलदीप के भाई महाराष्ट्र गए हैं। बताया जाता है कि कुलदीप की शादी बहादुरगढ़ में हुई थी।
गुजरानी का प्रदीप हुआ जख्मी
शहर से सटे गुजरानी गांव के प्रदीप कुमार इस हादसे में बच तो गए, लेकिन गंभीर रूप से झुलस गए। प्रदीप के भाई ने बताया कि प्रदीप कुमार की हालत पहले से काफी बेहतर है। फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
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